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'छत्तीसगढ़' संवाददाता
रायपुर, 3 फरवरी। पूर्व आबकारी मंत्री कांग्रेस विधायक कवासी लखमा 23 फरवरी से शुरू हो रहे बजट सत्र में शामिल हो सकेंगे। सुप्रीम कोर्ट ने आज उन्हें जमानत पर रिहा करने के आदेश दिए। इस आदेश में एक शर्त दी गई है कि उन्हें फिलहाल प्रदेश से बाहर रहना होगा, और बजट सत्र के एक दिन पहले राज्य आ सकेंगे। इससे पहले विधानसभा सचिवालय ने सत्र की अधिसूचना जारी करने के बाद उन्हें पिछले सत्रों की ही तरह इस बार भी सत्र में भाग लेने आमंत्रण भेजा था। पिछले सत्रों में अपनी गिरफ्तारी की वजह से वे असमर्थता जताते रहे। इस बार वे भाग ले सकेंगे।
इससे पहले पूर्व सीएम भूपेश बघेल और पूर्व विधायक विकास उपाध्याय मंगलवार दोपहर केंद्रीय जेल पहुंचे। बघेल ने शराब घोटाले में जेल याफ़्ता पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा से मुलाकात की। दोनों के बीच करीब आधे घंटे चर्चा हुई। बता दें कि पिछले दिनों पीसीसी चीफ दीपक बैज ने भी कवासी से मुलाकात की थी।
इसके बाद बैज ने कहा था कि इस मुलाकात में कवासी ने बजट सत्र में भाग लेने की बात कही है। पार्टी भी इसे लेकर न्यायालयीन प्रक्रिया अपनाने जा रही है। बैज ने यह भी कहा था कि कवासी इस सप्ताह जमानत पर रिहा हो सकते हैं। समझा जा रहा है कि बघेल ने भी इसी सिलसिले में मुलाकात की।
इस मामले में कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि आज एक बार फिर सत्य की जीत हुई है और यह साबित हुआ है कि सत्य परेशान हो सकता है, लेकिन पराजित नहीं हो सकता।
कवासी लखमा को भाजपा की केंद्र और राज्य सरकार ने मिलकर षड्यंत्रपूर्वक 'कथित शराब घोटाले' में फंसाया।
एक वरिष्ठ आदिवासी नेता को महीनों तक जेल की सलाखों के पीछे राजनीतिक विद्वेष के कारण बंद करके रखा।


