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नयी दिल्ली, 3 फरवरी। लोकसभा में पूर्व सेना प्रमुख एम एम नरवणे के अप्रकाशित संस्मरण से जुड़े विषय को लेकर जारी गतिरोध के बीच मंगलवार को उस वक्त सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच टकराव का नया मोर्चा खुल गया जब आसन के समीप कागज उछालने के मामले में आठ विपक्षी सांसदों को वर्तमान बजट सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित कर दिया गया।
कांग्रेस के सात सदस्यों और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के एक सांसद को सदन से निलंबित किया गया है।
सदन में गतिरोध के बीच नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोमवार की तरह मंगलवार को भी पूर्व सेना प्रमुख एम एम नरवणे के अप्रकाशित संस्मरण पर आधारित लेख का हवाला देकर चीन का विषय उठाने का प्रयास किया, लेकिन आसन से इसकी अनुमति नहीं मिली। हालांकि उन्होंने इस लेख को सत्यापित किया और सदन के पटल पर रखा।
हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही तीन बार के स्थगन के बाद बुधवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
सदन में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव को लेकर जारी चर्चा में राहुल गांधी द्वारा नरवणे के एक अप्रकाशित संस्मरण का उल्लेख करने का प्रयास करने के मुद्दे पर बैठक तीन बार स्थगित होने के बाद अपराह्न तीन बजे शुरू हुई तो पीठासीन सभापति दिलीप सैकिया ने आसन की अवज्ञा करने के लिए कांग्रेस सदस्यों अमरिंदर सिंह राजा वडिंग, गुरदीप सिंह औजला, हिबी ईडन, डीन कुरियाकोस, प्रशांत पडोले, किरण कुमार रेड्डी और मणिकम टैगोर तथा माकपा सांसद एस वेंकटेशन के नाम लिए।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने आठों सदस्यों का नाम लेते हुए सदन में प्रस्ताव रखा कि सदन की अवमानना करने और महासचिव तथा लोकसभा अधिकारियों की मेजों के पास आकर कागज उछालकर आसन की गरिमा को ठेस पहुंचाने के लिए उक्त सभी सदस्यों को नियम 374 (2) के तहत संसद के वर्तमान सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित किया जाए।
सदन ने ध्वनिमत से इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी जिसके बाद बैठक दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई।
इससे पहले, राहुल गांधी के चीन का विषय उठाने का प्रयास करने, अमेरिका के साथ व्यापार समझौते तथा कुछ अन्य विषयों को लेकर सदन की कार्यवाही तीन बार स्थगित करनी पड़ी थी।
विपक्षी सदस्यों ने सदन में राहुल गांधी को बोलने की अनुमति नहीं मिलने के मुद्दे पर नारेबाजी करते हुए आसन के समीप कागज उछालकर फेंके थे। उस समय आसन पर पीठासीन सभापति कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी बैठे थे।
विपक्ष के निलंबित सदस्यों ने संसद परिसर में सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। उनके साथ राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा और कई अन्य विपक्षी सांसद विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए।
इससे पहले, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने फिर से नरवणे के संस्मरण और चीन के साथ टकराव का मुद्दा उठाते हुए कहा कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा का महत्वपूर्ण मुद्दा है जिसका चीन तथा पाकिस्तान के साथ संबंध है और यह राष्ट्रपति के अभिभाषण का प्रमुख हिस्सा है।
आसन से उन्हें आगे बोलने की अनुमति नहीं दी गई।
समाजवादी पार्टी के सदस्यों ने वाराणसी में मणिकर्णिका घाट पर महारानी अहिल्याबाई होल्कर की मूर्ति कथित तौर पर तोड़े जाने का विषय उठाया और ‘अहिल्याबाई का अपमान, नहीं सहेगा हिंदुस्तान’ के नारे लगाए।
इससे पहले, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने प्रश्नकाल में भारत-अमेरिका व्यापार समझौते समेत कुछ मुद्दों पर हंगामा कर रहे विपक्षी सदस्यों से कार्यवाही चलने देने की अपील करते हुए कहा, ‘‘प्रश्नकाल में नियोजित तरीके से आसन के पास आकर नारेबाजी करने का कोई औचित्य है क्या? यह सदस्यों का समय होता है। इसमें सांसद प्रश्न उठाते हैं, सरकार की जवाबदेही तय होती है।’’ (भाषा)


