ताजा खबर
'छत्तीसगढ़' संवाददाता
बिलासपुर, 31 जनवरी। सरकंडा, नूतन कॉलोनी निवासी के. जी. लीलम्मा (पति—स्व. पी. एस. नायर) का 30 जनवरी की सुबह 6:45 बजे शांतिपूर्वक निधन हो गया। जीवन की अंतिम घड़ियों में उन्होंने स्वेच्छा से देहदान की इच्छा व्यक्त की, जिसे परिजनों ने पूरी संवेदनशीलता और सम्मान के साथ साकार किया।
उनके परिजनों, एस. भारतीयन, डॉ. सुप्रिया भारतीयन, एस. केरलियन, अभ्युदय भारत, अद्वैत भारत, श्रीदेवी एवं पार्वती नायर द्वारा सिम्स अस्पताल के अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति तक पहुंचाई गई। सूचना मिलते ही डीन ने शरीर रचना विभागाध्यक्ष डॉ. शिक्षा जांगड़े को आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण कराने के निर्देश दिए।
शरीर रचना विभाग ने सभी औपचारिकताएं पूरी कर देहदान को विधिवत स्वीकार किया। यह योगदान आने वाले वर्षों में चिकित्सा विद्यार्थियों के अध्ययन, प्रयोग और शोध में उपयोगी सिद्ध होगा, जिससे मानव शरीर रचना की सूक्ष्म समझ विकसित हो सकेगी। मालूम हो कि एमबीबीएस प्रथम वर्ष के विद्यार्थी अपने अध्ययन के आरंभ में कैडेवरिक ओथ लेते हैं कि यह देह हमारे चिकित्सा जीवन के पहले शिक्षक हैं। हम पूर्ण सम्मान, श्रद्धा और गरिमा के साथ इस शरीर का अध्ययन करेंगे और कुशल व संवेदनशील चिकित्सक बनने का प्रयास करेंगे।
इस अवसर पर नोडल अधिकारी डॉ. भूपेंद्र कश्यप, अमित कुमार, डॉ. नीलेश महोबिया तथा अरपा रेडियो की संज्ञा टंडन सहित अनेक नागरिक उपस्थित थे। डीन ने नायर परिवार की सराहना करते हुए कहा कि यह देहदान भविष्य के चिकित्सकों के लिए मानव शरीर की संरचना समझने में सहायक बनेगा।


