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गांधी स्मृति सभा में किसानों ने लिया ‘दाम सत्याग्रह’ यात्रा शुरू करने की घोषणा
31-Jan-2026 12:01 PM
गांधी स्मृति सभा में किसानों ने लिया ‘दाम सत्याग्रह’ यात्रा शुरू करने की घोषणा

'छत्तीसगढ़' संवाददाता

रायपुर, 31 जनवरी। महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर प्रदेशभर के किसान संगठनों ने रायपुर के आजाद चौक में महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष गांधी स्मृति सभा का आयोजन किया। मंच से संगठनों ने किसानों के हक में ‘दाम सत्याग्रह’ शुरू करने की घोषणा की और सरकारों से ठोस निर्णय की मांग रखी।

किसान संगठनों ने कहा कि वे धान के लिए समर्थन मूल्य वृद्धि का वास्तविक लाभ देते हुए 3286 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भुगतान चाहते हैं। इसके साथ ही पिछले वर्ष घोषित समर्थन मूल्य वृद्धि के 117 रुपये प्रति क्विंटल के अंतर की राशि का भुगतान भी लंबित बताया गया। संगठनों ने घोषणा की कि दाम सत्याग्रह के तहत आने वाले दिनों में प्रदेशभर में यात्राएं, सभाएं और प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे।

सभा में भूपेश सरकार के कार्यकाल की राजीव गांधी न्याय योजना की बकाया चौथी किश्त के तत्काल भुगतान की मांग उठी। साथ ही केंद्र सरकार से समर्थन मूल्य गारंटी कानून लागू करने की मांग को दाम सत्याग्रह का प्रमुख एजेंडा बताया गया।

किसान संवाद में प्रदेश किसान संघ के संयोजक सुदेश टीकम ने कहा कि गांधीजी ने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान किसानों के लिए सत्याग्रह और आंदोलनों का नेतृत्व किया था। उनके विचार आज भी प्रासंगिक हैं और उन्हीं के रास्ते पर चलते हुए किसान-मजदूरों के अधिकारों की लड़ाई को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया गया है।

छत्तीसगढ़ प्रगतिशील किसान संगठन के राजकुमार गुप्ता ने कहा कि आज सबसे बड़ा खतरा किसान की जमीन और उसकी उपज पर है, जिसका समाधान केवल एकजुटता से संभव है। छत्तीसगढ़ बचाओ आंदोलन के आलोक शुक्ला ने आरोप लगाया कि राज्य में खनन परियोजनाओं के नाम पर जमीन अधिग्रहण की कोशिशें हो रही हैं, वहीं धान खरीदी के दौरान किसानों को अनावश्यक परेशान किया जा रहा है।

किसान बंधु संगठन के टेकसिंह चंदेल ने शराब दुकानों के विस्तार को समाज और विशेषकर किसानों के लिए घातक बताया। संयुक्त मोर्चा के रवि ताम्रकार ने पूरे धान की खरीदी को लेकर सरकार की मंशा पर सवाल उठाए और संगठित संघर्ष पर बल दिया। छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा मजदूर कार्यकर्ता समिति के महेश साहू ने आगामी समय में बीज विधेयक और बिजली बिल विधेयक जैसी चुनौतियों के लिए तैयार रहने का आह्वान किया।

जिला किसान संघ राजनांदगांव, मोहला-मानपुर सहित विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने अपने विचार रखे। अंत में मोतीलाल सिन्हा ने आभार व्यक्त किया।


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