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सरोज पांडे के खिलाफ चुनाव याचिका में अब बचाव पक्ष की बारी
30-Jan-2026 11:16 AM
सरोज पांडे के खिलाफ चुनाव याचिका में अब बचाव पक्ष की बारी

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बिलासपुर, 30 जनवरी। वर्ष 2018 के राज्यसभा चुनाव में भाजपा से सरोज पांडेय से पराजित कांग्रेस प्रत्याशी लेखराम साहू की ओर से प्रस्तुत सभी गवाहों की गवाही गुरुवार को समाप्त हो गई है। अब चुनाव विजेता के पक्ष से गवाहों का बयान और प्रतिपक्ष द्वारा उनका प्रतिपरीक्षण किया जाएगा।

मार्च 2018 में छत्तीसगढ़ विधानसभा में रिक्त हुई एक सीट के लिए राज्यसभा चुनाव संपन्न हुआ था। इस चुनाव में भाजपा की ओर से सरोज पांडेय और कांग्रेस की ओर से लेखराम साहू उम्मीदवार थे। चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद साहू ने पांडेय की जीत को अदालत में चुनौती दी।

याचिका में आरोप लगाया गया कि नामांकन के समय प्रस्तुत शपथपत्र में गलत और अपूर्ण जानकारी दी गई, एक बैंक खाते का विवरण छिपाया गया, तथा भाजपा के 18 विधायकों द्वारा लाभ के पद पर रहते हुए मतदान किया गया।

याचिकाकर्ता की दोनों आपत्तियों को उस समय राज्यसभा के रिटर्निंग ऑफिसर ने खारिज कर दिया था। इसके बाद कांग्रेस ने चुनाव टालने और 18 विधायकों को मतदान से रोकने की मांग को लेकर चुनाव आयोग और राज्यपाल तक गुहार लगाई थी। हालांकि, सभी 18 विधायकों ने मतदान किया और सरोज पांडेय को विजयी घोषित किया गया।

गुरुवार को विधानसभा के तत्कालीन सचिवालय प्रमुख चंद्रशेखर गंगराड़े के बयान के साथ ही साहू की ओर से प्रस्तुत कुल नौ गवाहों की गवाही पूरी हो गई। अदालत में अब बचाव पक्ष की ओर से साक्ष्य प्रस्तुत किए जाएंगे।

सरोज पांडेय के अधिवक्ता ने अदालत से शपथपत्र दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का समय मांगा, जिसे स्वीकार कर लिया गया। अगली सुनवाई में बचाव पक्ष के गवाहों के बयान दर्ज किए जाएंगे।


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