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‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
जांजगीर-चांपा, 30 जनवरी। अकलतरा इलाके के ग्राम सांकर निवासी किसान अनुराग चंदेल ने धान विक्रय के लिए टोकन न मिलने से उपजी निराशा के बीच कथित तौर पर आत्मघाती कदम उठाने का प्रयास किया। समय पर उपचार मिलने से उनकी जान बच गई है।
परिजनों के अनुसार किसान लंबे समय से सहकारी समिति के चक्कर काट रहे थे, लेकिन धान बेचने के लिए आवश्यक टोकन नहीं मिल पाया। इस देरी से वे मानसिक रूप से टूटते चले गए। बताया गया कि उनके पास बड़ी मात्रा में धान खलिहान में पड़ा रहा, जिससे आर्थिक दबाव और बढ़ता गया।
घटना से पहले देर रात किसान ने एक वीडियो बनाकर अपनी पीड़ा साझा की थी, जिसमें धान खरीदी नीति और प्रशासनिक उदासीनता पर सवाल उठाए गए थे। बाद में परिजनों ने यह वीडियो सोशल मीडिया से हटवा दिया।
किसान की हालत बिगड़ने पर परिजन तत्काल उन्हें उपचार के लिए समृद्धि अस्पताल लेकर पहुंचे। चिकित्सकों के अनुसार समय पर चिकित्सा मिलने से उनकी स्थिति फिलहाल स्थिर है, हालांकि निरंतर निगरानी में उपचार जारी है।
जानकारी के मुताबिक किसान का करीब 40 एकड़ खेत है। उनका 190 क्विंटल धान अभी भी खुले में रखा है। ग्राम सांकर सहकारी केंद्र में कुल 16 किसानों जिसमें 13 सांकर और 3 फरहदा के हैं, का धान अब तक नहीं उठाया गया है। इससे क्षेत्र के किसानों में अनिश्चितता और असंतोष गहराता जा रहा है।
धान खरीदी को लेकर हाल ही में कांग्रेस पार्टी ने एसडीएम कार्यालय का घेराव किया था, जहां प्रशासन की ओर से खरीदी सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया गया था। इसके बावजूद किसान द्वारा उठाया गया यह कदम प्रशासनिक दावों और जमीनी हकीकत के बीच के अंतर को उजागर करता है। स्थानीय स्तर पर इसे क्षेत्र में धान खरीदी से जुड़ी पहली ऐसी घटना बताया जा रहा है।


