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'छत्तीसगढ़' संवाददाता
बीजापुर, 29 जनवरी। बीजापुर जिले के थाना पामेड़ क्षेत्र अंतर्गत कावरगट्टा गुंडराजगुड़ेम जंगल पहाड़ी इलाके में सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच गुरुवार को हुई मुठभेड़ में पामेड़ एरिया कमेटी के दो नक्सली कैडर मारे गए। मुठभेड़ स्थल से दोनों नक्सलियों के शव बरामद किए गए हैं।
पुलिस अधीक्षक बीजापुर डॉ. जितेन्द्र कुमार यादव ने बताया कि दक्षिण बीजापुर क्षेत्र में नक्सलियों की मौजूदगी की विशिष्ट आसूचना के आधार पर 28 जनवरी की संध्या को डीआरजी टीम द्वारा सर्च ऑपरेशन प्रारंभ किया गया था। अभियान के दौरान 29 जनवरी की सुबह लगभग 7 बजे से डीआरजी जवानों और नक्सलियों के बीच लगातार मुठभेड़ होती रही।
फायरिंग के उपरांत सर्च ऑपरेशन के दौरान मुठभेड़ स्थल से वर्दीधारी दो माओवादी कैडरों के शव बरामद किए गए। प्रारंभिक पहचान के अनुसार मारे गए नक्सलियों में एसीएम प्रदीप उर्फ जोगा, पामेड़ एरिया कमेटी सदस्य (घोषित इनाम 5 लाख), पीएम भीमा वेको, पार्टी सदस्य, पामेड़ एरिया कमेटी (घोषित इनाम 2 लाख) शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार मुठभेड़ स्थल से एक एके-47 राइफल, एक 9 एमएम पिस्टल, गोला-बारूद, विस्फोटक सामग्री एवं अन्य नक्सली सामग्री भी बरामद की गई है।
बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पट्टिलिंगम ने बताया कि मुठभेड़ में मारे गए दोनों माओवादी कैडर पामेड़ एरिया कमेटी क्षेत्र में हुई विभिन्न हिंसक घटनाओं एवं नागरिकों की हत्याओं में संलिप्त थे। इनमें हाल ही में कावरगट्टा ग्राम पंचायत के पूर्व सरपंच भीमा मड़कम की हत्या की घटना भी शामिल है।
पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेन्द्र कुमार यादव ने कहा कि जिले में माओवादियों के विरुद्ध निरंतर आसूचना-आधारित अभियानों के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। सुरक्षा बल जिले में शांति, सुरक्षा एवं विकास सुनिश्चित करने हेतु पूरी दृढ़ता के साथ अभियान जारी रखेंगे।
वहीं आईजी बस्तर सुंदरराज पट्टिलिंगम ने कहा कि बस्तर रेंज में चल रहे नक्सल विरोधी अभियानों से माओवादी संगठन कमजोर हो चुका है। उन्होंने शेष बचे कैडरों से हिंसा का मार्ग त्यागकर शासन की पुनर्वास नीति के अंतर्गत आत्मसमर्पण करने की अपील की है।
मुठभेड़ के बाद डीआरजी, बस्तर फाइटर्स एवं सीआरपीएफ की अतिरिक्त टीमों द्वारा क्षेत्र में व्यापक एवं गहन सर्च ऑपरेशन जारी है।


