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'छत्तीसगढ़' संवाददाता
रायपुर, 20 जनवरी । जोरा- पीरदा रोड लाभांडी के आनंद भूमि आवासीय सहकारी समिति परिसर स्थित वर्षौं से लगे बड़े बड़े पेड़ टहनी छंटनी के नाम पर काट दिए गए। उसके बाद यह प्रश्न उठाए जा रहे हैं
क्या ये पेड़ों की,टहनियों की छंटाई है ?
या पेड़ों को बेदर्दी से काटा गया है।
बताया गया है कि श्रमदान के नाम पर इतने सारे पेड़ों को ठूंठ में तब्दील कर दिया गया है। यह भी कहा जा रहा कि इन पेड़ों को बड़ा होने में इतना समय लगा होगा जितना इन्हें काटने वालों की उम्र भी नहीं होगी । और तो और समिति के लोगों ने सहजता पूर्ण पौधों को काटा है और मुस्कुरा कर सेल्फी भी ली।
इन पेड़ों से आसपास के घरों को अगर खतरा महसूस हो रहा था तो टहनियों को छँटवा सकते थे। लेकिन पूरे पेड़ ही काट दिए गए। अब बहुतेरे पक्षी, जीव, जंतुओं का आश्रय खत्म हो गया।।
आनंद भूमि कोआपरेटिव सोसाइटी की ओआईसी रश्मि नेताम से इस संबंध में संपर्क करने पर उन्होंने कहा कि पेड़ काटने की उनसे कोई अनुमति नहीं ली गई है और पेड़ काटने की उन्हें कोई जानकारी नहीं है। आपने जानकारी दी है तो जल्द विजिट करने सोसायटी जाएंगी। कब जाएंगी पूछने पर कहा कि अभी कुछ अन्य काम में व्यस्त हैं कब जाएंगी नहीं बता सकती लेकिन जाएंगी जरूर। इससे पहले हम कुछ और प्रश्न करते रश्मि नेताम ने आवाज न आने की बात कहते हुए फोन डिस्कनेक्ट कर दिया। दोबारा काल करने पर उनका फोन नो लिफ्ट मोड पर था।
बगैर अनुमति के वर्षों पुराने पेड़ काट दिए गए।




