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सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार, 19 जनवरी को मध्य प्रदेश सरकार से पूछा कि भारतीय सेना की कर्नल सोफिया कुरैशी के बारे में आपत्तिजनक बयान देने वाले मंत्री कुंवर विजय शाह के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी देने में देरी क्यों हो रही है. सीजेआई सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने एमपी सरकार को इस मामले में फैसला लेने का निर्देश दिया.
एमपी सरकार में मंत्री विजय शाह ने अपने एक भाषण में कर्नल सोफिया कुरैशी को पहलगाम में लोगों की हत्याएं करने वाले हमलावरों की “बहन” बताया था. एमपी हाईकोर्ट ने इस मामले का स्वत: संज्ञान लेते हुए विजय शाह के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया था. शाह ने इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी.
सुप्रीम कोर्ट ने शाह की माफी को स्वीकार नहीं किया था और इस मामले की जांच के लिए एक एसआईटी के गठन का आदेश दिया था. एसआईटी ने इस मामले में अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपते हुए विजय शाह के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी मांगी थी, लेकिन राज्य सरकार ने इस पर कोई फैसला नहीं लिया.
इसे लेकर सीजेआई ने राज्य सरकार से कहा, “आप 19 अगस्त, 2025 से एसआईटी रिपोर्ट पर बैठे हुए हैं. कानून आप पर एक दायित्व डालता है और आपको फैसला लेना होगा. अब 19 जनवरी आ चुकी है.” सीजेआई ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि वह इस मामले में कानून के हिसाब से उचित कदम उठाए. (dw.com/hi)


