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महाराष्ट्र सीमा में प्रशासनिक टीम ने लगातार की छापेमारी
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 18 जनवरी। धान खरीदी की आखिरी तारीख बेहद करीब है। प्रशासन ने इस बार खरीदी के दौरान सीमा पर सख्ती दिखाते न सिर्फ भारी मात्रा में अवैध धान की खेप को जिले में पहुंचने से रोका, बल्कि अवैध धान परिवहन करते वाहनों को भी जब्त किया। प्रशासन की कड़ाई से कोचियों और बिचौलियों की हालत बेहद पतली रही।
राजनांदगांव कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने पूरी खरीदी सीजन में प्रशासनिक टीमों को मुस्तैद रहकर कार्रवाई करने का जिम्मा सौंपा था। इस साल प्रशासन की तगड़ी मोर्चाबंदी के कारण बार्डर में धान की अवैध खेप लाने वाले गिरोह की दाल नहीं गली। इधर प्रशासनिक टीम ने खरीदी के दौरान सिलसिलेवार छापेमारी की। इस कार्रवाई के चलते 13 करोड़ रुपए का अवैध धान जब्त किया गया। वहीं 47 वाहन भी बरामद हुए।
बताया जा रहा है कि वाहनों को राजसात करने की तैयारी चल रही है। यह पहला अवसर है कि जिले में भारी मात्रा में धान का अवैध परिवहन और वाहन जब्त करने में प्रशासन को सफलता मिली है। अब तक 45 हजार क्विंटल अवैध धान जब्त किया गया है। 47 वाहनों को बरामद कर राजसात करने की प्रक्रिया भी शुरू हो रही है। प्रशासन ने बिचौलियों को जेल की हवा भी खिलाया।
राजनांदगांव, डोंगरगांव व डोंगरगढ़ अनुभाग में 235 प्रकरण बनाए गए। पुलिस ने 4 बिचौलियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा। बताया जा रहा है कि कलेक्टर का कड़ा रूख देखकर प्रशासनिक अधिकारियों ने कार्रवाई करने में सुस्ती नहीं की। इसके पीछे वजह यह है कि कलेक्टर ने कर्मचारियों को सीधे तौर पर चेतावनी दी थी। सोसाइटियों में विशुद्ध रूप से किसानों को ही उपज बेचने की व्यवस्था पर कलेक्टर ने जोर दिया था। धान खरीदी केंद्रों में किसी तरह की गफलतबाजी पाए जाने पर कलेक्टर ने कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। प्रशासन की अलग-अलग छापामार टीमों ने गांव-देहातों से लेकर सीमावर्ती क्षेत्रों में नजर रखी। परिणामस्वरूप भारी मात्रा में करोड़ों रुपए के धान जब्त किया गया।


