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लौह अयस्क का उत्पादन 4 गुना बढ़ा
'छत्तीसगढ़' संवाददाता
रायपुर, 15 जनवरी। प्रदेश में सीएमडीसी, कोल इंडिया के साथ मिलकर क्रिटिकल मिनरल की खोज और खनन करेगी। इसके लिए कार्ययोजना तैयार की गई है। यही नहीं, लौह अयस्क का उत्पादन 4 गुना बढ़कर 20 लाख मीट्रिक टन हो गया है। इससे कुल 1 हजार करोड़ से अधिक के राजस्व की प्राप्ति होगी।
सीएमडीसी के चेयरमैन सौरभ सिंह, और खनिज सचिव पी. दयानंद ने मीडिया से चर्चा में पिछले दो साल की गतिविधियों की विस्तार से जानकारी दी। यह बताया कि प्रदेश में पिछले दो साल में सीएमडीसी द्वारा नवीन आयाम स्थापित किए गए, और भविष्य की परियोजनाओं को अपेक्षित गति प्रदान करने के लिए आत्म निर्भर भारत के निर्माण में सीएमडीसी भी सहभागिता निभाने के प्रयास कर रही है।
खनिज सचिव पी दयानंद ने बताया कि सीएमडीसी ने केंद्र सरकार की एजेंसी एमएसटीसी की माध्यम से पारदर्शी, और तकनीक-सक्षम नीलामी प्रक्रिया द्वारा निविदा और खनिज बिक्री के नए मानक स्थापित किए हैं। इस प्रक्रिया से लौह अयस्क की नीलामी में रिकॉर्ड उच्च बिक्री मूल्य प्राप्त हुए हैं, दूसरी तरफ लौह अयस्क के उत्खनन में न्यूनतम दर प्राप्त हुआ है, जो प्रतिस्पर्धी पारदर्शी नीलामी की प्रक्रिया की सफलता को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि लौह अयस्क का उत्पादन 5 लाख से बढ़कर 20 लाख टन हो गया है। इससे राज्य शासन को राजस्व के रूप में ढाई सौ करोड़ रुपये और सीएमडीसी को 768 करोड़ 40 लाख रुपये की राजस्व प्राप्ति होगी। उन्होंने बताया कि सीएमडीसी को अतिरिक्त राजस्व के रूप में बाक्साइट खनिज से 10 करोड़ रुपये की प्राप्ति होगी।
डोलोमाइट में 2 लाख मिलियन टन उत्पादन क्षमता आगामी तीन वर्षों में प्राप्त करने की स्थिति में सीएमडीसी को 20 करोड़ का लाभ होगा। राज्य शासन को 32 करोड़ प्राप्त होगा। टिन स्लैग में अवस्थित टेंटलम, नियोबियम एवं अन्य को निष्कर्षण की कार्ययोजना तैयार कर पायलट परियोजना प्रारंभ की जा रही है। नवीन क्षेत्रों का चयन कर एमएसटीसी के माध्यम से क्रिटिकल मिनरल के लिए अन्वेषण/खनन की कार्ययोजना पर आगे कार्यवाही की जाएगी।
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हीरे की खोज के लिए ड्रिलिंग शुरू
प्रेस कांफ्रेस में ये बताया गया कि बहुमूल्य खनिजों की श्रेणी में महासुंद जिले के बलौदा-बेलमुंडी के हीरा खनिज क्षेत्र में हीराधारित किम्बर लाइट की उपस्थिति के संकेत मिले हैं। इस पर सीएमडीसी और एनएमडीसी के संयुक्त उपक्रम एनसीएल काम कर रही है। किम्बर लाइट की पुष्टि के लिए ड्रिलिंग कार्य प्रगति पर है।
बैलाडीला की दो खदानों में खनन शीघ्र
सीएम विष्णुदेव के मार्गदर्शन में सीएमडीसी, और एनएमडीसी के संयुक्त उपक्रम एनसीएल द्वारा बैलाडीला डिपॉजिट 4 और डिपॉजिट 13 में खनन कार्य शीघ्र शुरू होगा। इसके लिए डिपॉजिट 4 के लिए कांट्रेक्टर के चयन की प्रक्रिया अंतिम में है। 2026 में दोनों खदानों में उत्पादन प्रारंभ होने से शासन और निगम को राजस्व की प्राप्ति होगी। दोनों परियोजना से शासन को 7 हजार करोड़, और सीएमडीसी को 3 हजार करोड़ राजस्व मिलेगा।


