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दिशा बैठक में जनप्रतिनिधियों ने आवास, सड़क, पानी और स्मार्ट सिटी के घटिया निर्माण कार्यों पर किए तीखे सवाल
14-Jan-2026 1:53 PM
दिशा बैठक में जनप्रतिनिधियों ने आवास, सड़क, पानी और स्मार्ट सिटी के घटिया निर्माण कार्यों पर किए तीखे सवाल

केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने अफसरों को दिए कड़े निर्देश

'छत्तीसगढ़' संवाददाता

बिलासपुर, 14 जनवरी। जिले में चल रही विकास योजनाओं की हकीकत सोमवार को उस समय सामने आई, जब जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में जनप्रतिनिधियों ने योजनाओं की धीमी रफ्तार, अनियमितताओं और जमीनी समस्याओं को खुलकर उठाया। जिला कार्यालय के मंथन सभाकक्ष में हुई इस अहम बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय आवासन एवं शहरी विकास राज्य मंत्री और सांसद तोखन साहू ने की।

बैठक में केंद्रीय मंत्री तोखन साहू ने दो टूक कहा कि सरकार की मंशा है कि सभी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचे और इसका असर जमीन पर साफ दिखाई दे। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी योजना में गड़बड़ी, लेन-देन या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने मनरेगा के लंबित कार्य, मजदूरी भुगतान, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत सड़कों की प्रगति, आंगनबाड़ी भवनों और प्रधानमंत्री आवास योजना के अधूरे निर्माण कार्यों को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए।

बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला ने प्रधानमंत्री आवास योजना में मिल रही अनियमितताओं की शिकायतों को उठाया। उन्होंने कहा कि आवास के नाम पर लेन-देन की शिकायत आ रही है, जो स्वीकार्य नहीं है।
आवास मित्रों के मानदेय से जुड़े मामलों की जांच, गड़बड़ी पाए जाने पर वसूली और दोषियों पर कार्रवाई के निर्देश भी बैठक में दिए गए।

विधायक सुशांत शुक्ला ने मनरेगा के तहत जल संरक्षण से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देने का सुझाव दिया। उन्होंने एमआई टैंक, वेटलैंड संरक्षण, शासकीय तालाबों के पुनर्जीवन और गर्मी के मौसम में पेयजल संकट से निपटने के लिए अभी से ठोस योजना बनाने की जरूरत बताई।

बैठक में मौजूद विधायकों और अन्य जनप्रतिनिधियों ने स्मार्ट सिटी परियोजना की धीमी गति और गुणवत्ता विहीन निर्माण कार्यों पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद अपेक्षित परिणाम नहीं दिख रहे हैं। गुणवत्ता की नियमित जांच और समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने की मांग रखी गई।

जनप्रतिनिधियों ने रेत घाटों के कारण सड़कों की हालत खराब होने का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना था कि भारी वाहनों के कारण ग्रामीण और संपर्क मार्ग तेजी से जर्जर हो रहे हैं, लेकिन मरम्मत और निगरानी की व्यवस्था कमजोर है।

कलेक्टर संजय अग्रवाल ने जल संरक्षण और वृक्षारोपण को लेकर गहन और ठोस कार्ययोजना बनाने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी से आम लोगों को जल संरक्षण के लिए प्रेरित किया जा सकता है।

जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल ने जानकारी दी कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में जिले को मनरेगा के तहत 40 लाख मानव दिवस का लक्ष्य मिला है और इस उपलब्धि में जिला राज्य स्तर पर पहले स्थान पर है।
हालांकि जिले में अभी 12,597 कार्य अपूर्ण हैं, जिन्हें शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए। दिसंबर तक मजदूरों का भुगतान पूरा कर दिए जाने की भी जानकारी दी गई।

बैठक में बताया गया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जिले में 79,992 आवासों के लक्ष्य के विरुद्ध 71,093 आवास स्वीकृत किए गए हैं, जिसमें जिला राज्य में प्रथम स्थान पर है।
पीएम जनमन योजना के अंतर्गत कोटा, मस्तूरी और तखतपुर ब्लॉक में पिछड़ी जनजाति के 959 परिवारों को आवास स्वीकृत हुए हैं, जिनमें से 524 पूरे हो चुके हैं।
‘लखपति दीदी’ योजना, बिहान, रीपा के माध्यम से महिलाओं को रोजगार से जोड़ने की प्रगति की भी समीक्षा की गई।

बैठक के अंत में साहू ने सभी विभागों को निर्देश दिया कि वे तय लक्ष्यों के अनुसार समयबद्ध कार्य करें, गुणवत्ता और पारदर्शिता बनाए रखें तथा शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक सुनिश्चित करें।

 


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