ताजा खबर
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष और सांसद असदुद्दीन ओवैसी के 'हिजाब पहनने वाली बेटी के प्रधानमंत्री बनने' वाले बयान पर हिन्दू संगठन और राजनीतिक दलों की ओर से प्रतिक्रियाएं आ रही हैं.
ओवैसी ने शुक्रवार को महाराष्ट्र के सोलापुर में एक रैली के दौरान कहा था, "पाकिस्तान के संविधान में लिखा हुआ है कि सिर्फ़ एक ही मज़हब का आदमी पाकिस्तान का प्रधानमंत्री बन सकता है. लेकिन बाबासाहेब आंबेडकर का संविधान कहता है कि कोई भी भारत का नागरिक वज़ीर-ए-आज़म (प्रधानमंत्री), मुख्यमंत्री या मेयर बन सकता है."
वह आगे कहते हैं, "असदुद्दीन ओवैसी का ख़्वाब है कि एक दिन हिजाब पहनने वाली बेटी इस देश की वज़ीर-ए-आज़म बनेगी."
ओवैसी के इस बयान पर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि 'भारत का प्रधानमंत्री हमेशा एक हिन्दू व्यक्ति ही होगा.'
सीएम हिमंत ने कहा, "संवैधानिक तौर पर कोई रोक नहीं है. कोई भी प्रधानमंत्री बन सकता है. लेकिन भारत एक हिन्दू राष्ट्र है, हिन्दू सभ्यता है और हमें पूरा भरोसा है कि भारत का प्रधानमंत्री हमेशा एक हिन्दू व्यक्ति ही होगा."
वहीं, कांग्रेस नेता इमरान मसूद ने ओवैसी के बयान पर इसे 'दिन में तारे देखने जैसी बात' कही.
उन्होंने कहा, "आप (ओवैसी) क्यों ऐसी बातें कह रहे हैं जो मुमकिन ही नहीं दिखाई देती. लोकतंत्र के अंदर सबको अधिकार है. हिजाब पहनना या न पहनना, व्यक्तिगत मामला है."
विश्व हिन्दू परिषद के प्रवक्ता विनोद बंसल ने इसे 'कट्टरपंथी महिला विरोधी मानसिकता' बताया.
उन्होंने कहा, "हमारे यहां महिला पहले ही प्रधानमंत्री रही हैं और आगे भी बनेंगी. नारी के प्रधानमंत्री बनने की बात करते तो वह समझ में आता, लेकिन जिस तरह से वह बुर्का या हिजाब पहनने वाली महिला को प्रधानमंत्री बनाने के स्वप्न देख रहे हैं, वह नहीं होने वाला." (bbc.com/hindi)


