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जनसुनवाई निरस्तीकरण की ओर बढ़ रहे हैं-एसडीएम
'छत्तीसगढ़' संवाददाता
रायगढ़, 28 दिसंबर। रायगढ़ जिले में शनिवार की दोपहर तमनार ब्लॉक में पुलिस और ग्रामीणों के बीच हुए हिंसक झड़प के बाद आज भी पूरे तमनार क्षेत्र में तनाव का माहौल है। कल से ज्यादा ग्रामीण सीएचपी चौक में आंदोलन पर बैठे हैं। तनाव की स्थिति को देखते हुए पूरा तमनार अंचल पुलिस छावनी में तब्दील हो चुका है।
वहीं पुलिस व आंदोलनकारियों के बीच मारपीट, आगजनी के बाद प्रशासन ने आंदोलनकारियों से वार्ता की। सूत्रों के अनुसार जिंदल के कोल ब्लॉक जनसुनवाई रद्द करने का आश्वासन दिया गया।
घरघोड़ा एसडीएम दुर्गा प्रसाद ने बताया कि ग्रामवासियों के प्रतिनिधि मंडल के साथ एक स्तर की बैठक हो चुकी है। इस मामले में जनसुनवाई निरस्तीकरण की ओर बढ़ रहे हैं। एसडीएम ने धरना प्रदर्शन में बैठे ग्रामीणों से शांति व्यवस्था बनाये रखने अपील की है। उन्होंने यह भी कहा है कि हम सभी ग्रामीणों की मांगों का सम्मान करते हैं।
ज्ञात हो कि जिंदल कंपनी की गारे पेलमा सेक्टर-1 कोल परियोजना के लिए पिछले दिनों 8 दिसंबर को हुई जनसुनवाई को फर्जी बताकर 14 गांव के ग्रामीण लिबरा गांव में स्थित सीएचपी चौक में धरना प्रदर्शन पर बैठे थे।
कल दोपहर भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंची और कुछ ग्रामीणों को गिरफ्तार करके वाहनों का परिचालन शुरू कराया गया था। इस बीच टे्रलर की चपेट में आने से सायकल सवार एक ग्रामीण घायल हो गया था जिसके बाद से भीड़ आक्रोशित हो गई और देखते ही देखते भारी तनाव की स्थिति निर्मित हो गई। लोगों ने पुलिस पर पथराव करते हुए जहां कई पुलिस अधिकारी समेत जवानों को घायल कर दिया, वहीं पुलिस वाहनों के अलावा जिंदल कंपनी परिसर घुसकर कई वाहनों को आग के हवाले भी कर दिया था।
गांव-गांव से ग्रामीण आंदोलन पर
कल हुई घटना को लेकर आज सुबह से पूरे तमनार क्षेत्र के हर गांव और हर घर से महिला पुरूष निकलकर लिबरा गांव में स्थित सीएचपी चौक पहुंचकर आंदोलन में बैठ गए हैं। इस दौरान मौके पर पुलिस और प्रशासन के किसी भी अधिकारी को आने नहीं दिया जा रहा है और न ही किसी को फोटो वीडियो बनाने दिया जा रहा है। कल हुई घटना को लेकर आज भी भारी तनाव का माहौल जिसे देखते हुए तमनार बंद जैसा माहौल नजर आ रहा है।
जिंदल के अफसर हुए गायब
कल दोपहर हुई घटना के बाद से जिंदल में लाईजनिंग करने वाले कई अधिकारी अचानक गायब हो गए हैं। गांव के ग्रामीणों का आरोप है कि ये अधिकारी बरसों से जिंदल कंपनी के नाम से लेन-देन करते आ रहे थे। ये वही अधिकारी है जो उनके नाम से कंपनी से मोटी रकम लेकर हजम कर जाते थे।
दोषियों पर होगी कार्रवाई-सीएम
रायगढ़ जिले में कल दोपहर हुई घटना को देखते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का भी बयान सामने आ चुका है। उन्होंने कहा है कि इस मामले में जांच उपरांत जो भी दोषी पाया जाता है उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
डिप्टी सीएम अरूण साव ने रायगढ़ मामले पर कहा कि, इस घटना के पीछे किसका हाथ है, उसकी जांच कर कार्रवाई की जाएगी। कानून हाथ में लेने का किसी को अधिकार नहीं है। सभी को शांतिपूर्वक अपनी बात रखने का अधिकार है।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कर्मचारियों के आंदोलन पर कहा कि, राज्य सरकार कर्मचारियों की हित में लगातार कार्य कर रही है। वहीं कर्मचारियों की समस्याओं का समय पर समाधान हो रहा है एवं नई भर्तियां भी हो रही है।
एसडीओपी, टीआई सहित कई पुलिसकर्मी घायल
शनिवार की दोपहर ढाई बजे भीड़ बेकाबू हो गई और बैरियर को तोड़ते हुए पत्थर एवं डंडों से वहां उपस्थित पुलिस पर टूट पड़ी। इस दौरान उपद्रवी भीड़ ने जमकर लाठी डंडे बरसाए। जिससे एसडीओपी अनिल विश्वकर्मा, थाना प्रभारी तमनार कमला पुसाम तथा एक आरक्षक को गंभीर चोट आई तथा कई पुलिस के जवान और महिला आरक्षक घायल हैंए जिन्हें तत्काल प्राथमिक उपचार हेतु अस्पताल में भर्ती कराया गया।
कई वाहनों को किया आग के हवाले
अनियंत्रित भीड़ ने पुलिस की बसए जीपए एंबुलेंस को आग लगा दी गई तथा कई शासकीय वाहन भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। इसके पश्चात अनियंत्रित भीड़ जिंदल के कोल हैंडलिंग प्लांट सीएचपी की ओर बढ़कर अंदर घुसकर कन्वेयर बेल्ट तथा दो ट्रैक्टर व अन्य वाहन को आग लगा दी गई तथा ऑफिस में भी उत्पात मचाकर तोडफ़ोड़ की। भीड़ को समझाइश देने विधायक लैलूंगा विद्यावती सिदार, कलेक्टर रायगढ़ एवं पुलिस अधीक्षक के द्वारा मौके पर जाने पर भीड़ उग्र ने उन पर भी पथराव शुरू कर दिया।


