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बिलासा एयरपोर्ट पर कैंटीन और विश्राम भवन का काम शुरू नहीं, नाइट लैंडिंग लाइसेंस भी लंबित
29-Dec-2025 2:05 PM
बिलासा एयरपोर्ट पर  कैंटीन और विश्राम भवन का काम शुरू नहीं, नाइट लैंडिंग लाइसेंस भी लंबित

छत्तीसगढ़' संवाददाता 

बिलासपुर, 29 दिसंबर। बिलासा देवी केवट एयरपोर्ट पर यात्री सुविधाओं के विकास में हो रही देरी को लेकर हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति ने कड़ा विरोध जताया है। समिति का कहना है कि एयरपोर्ट टर्मिनल भवन के बाहर प्रस्तावित टॉयलेट, कैंटीन और विश्राम भवन का निर्माण अब तक शुरू नहीं किया गया है, जबकि इन सभी कार्यों की जिम्मेदारी सीएसआर मद के तहत गोयल कंपनी को सौंपी गई थी।

समिति ने कहा कि एयरपोर्ट से जुड़े अधिकांश कार्य लगातार लेटलतीफी का शिकार हो रहे हैं। सुविधाओं के अभाव में यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन जिम्मेदार एजेंसियां गंभीरता नहीं दिखा रही हैं।
हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति ने कहा कि नाइट लैंडिंग से जुड़े सभी निर्माण कार्य पूरे हो चुके हैं, इसके बावजूद अब तक सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ लाइसेंस के लिए आवेदन प्रस्तुत नहीं किया गया है। लाइसेंस प्रक्रिया लंबित रहने से बिलासपुर एयरपोर्ट से उड़ानों की संख्या बढ़ नहीं पा रही है।

समिति का कहना है कि यदि नाइट लैंडिंग का लाइसेंस मिल जाता है, तो शाम और रात के समय भी उड़ानों का संचालन संभव हो सकेगा। उदाहरण देते हुए समिति ने कहा कि रीवा एयरपोर्ट पर पहले दिन से ही नाइट लैंडिंग की सुविधा उपलब्ध है, इसी वजह से वहां रात 8 और 9 बजे तक उड़ानें संचालित हो रही हैं।

एयरपोर्ट सुविधाओं को लेकर हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति का महा धरना रविवार को भी जारी रहा। धरने में बड़ी संख्या में सदस्य शामिल हुए। इनमें रवि बनर्जी, अनिल गुलहरे, नारद श्रीवास, राशिद बक्श, देवेंद्र सिंह ठाकुर, बद्री यादव, दीपक कश्यप, मनोज श्रीवास, गणेश विश्वकर्मा, बद्री प्रसाद कैवर्त, समीर अहमद, महेश दुबे, टाटा गोपी राव, मजहर खान, मनोज तिवारी, डॉ. सोमनाथ यादव, शिरीष कश्यप, छुट्टू अवस्थी, अखिल अली और सुदीप श्रीवास्तव प्रमुख रूप से मौजूद रहे।

 


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