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धान खरीदी में अव्यवस्था का आरोप, विपक्ष ने सदन छोड़ा
15-Dec-2025 8:35 PM
धान खरीदी में अव्यवस्था का आरोप, विपक्ष ने सदन छोड़ा

मंत्री का जवाब-धान खरीदी का व्यवस्था पहले से बेहतर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 15 दिसंबर।
धान खरीदी में अव्यवस्था का आरोप लगाकर  विपक्षी सदस्यों ने  विधानसभा में मंगलवार को काम रोको प्रस्ताव  पर तुरंत चर्चा कराने की मांग की। इस पूरे मामले पर ग्राह्ता चर्चा के दौरान विपक्षी सदस्यों ने आरोप लगाया कि इस बार किसानों को खून के आंसू बहाने पर मजबूर कर दिया गया है। इसका खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने प्रतिवाद किया, और कहा कि धान खरीदी की व्यवस्था बेहतर हुई है। मंत्री के जवाब के असंतुष्ट विपक्षी सदस्यों ने सदन की कार्यवाही का बहिष्कार कर दिया। 

खाद्य मंत्री श्री बघेल ने कहा कि किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए टोकन व्यवस्था का सरलीकरण किया गया है। विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि धान खरीदी की व्यवस्था बेहतर हुई है। धान खरीदी के एवज में साढ़े 7 हजार करोड़ से अधिक का भुगतान हो चुका है। उन्होंने इस बात से इंकार किया कि धान खरीदी को लेकर किसानों में आक्रोश है। 

इससे पहले प्रश्नकाल के तुरंत बाद नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने धान खरीदी में अव्यवस्था का मामला उठाया, और काम रोको प्रस्ताव की सूचना देकर तुरंत चर्चा कराने की मांग की। स्पीकर डॉ. रमन सिंह ने काम रोको प्रस्ताव की ग्राहृता पर चर्चा की अनुमति दी। 

नेता प्रतिपक्ष डॉ. महंत ने चर्चा की शुरुआत करते हुए कहा कि धान खरीदी में जिस अव्यवस्था और कुप्रबंधन के चलते समस्याओं का सामना इस बार किसानों को करना पड़ रहा है, इससे पहले के 25 वर्षों में कभी नहीं करना पड़ा।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि जिन किसानों ने धान बेचा है,उनका डाटा अगले साल के लिए कैरी फारवर्ड हो जाता था इससे उन्हें सोसायटी में जाने की जरूरत नहीं होती थी। मगर इस बार पंजीयन की व्यवस्था जटिल कर दिया गया है कि पांच फीसदी किसानों का पंजीयन नहीं हो पाया है। करीब 4 लाख अधिक खसरे का पंजीयन लंबित है।

डॉ  महंत ने कहा कि बोरा भराई चार्ज आदि में गड़बड़ी का आरोप लगाया, और कहा कि करीब 120 करोड़ का भ्रष्टाचार हुआ है। चर्चा में पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि सरकार धान खरीदना ही नहीं चाहती है।उन्होंने कहा कि धान खरीदी से जुड़े समिति के प्रबंधक, कर्मचारी, कंप्यूटर ऑपरेटर हड़ताल पर चले गए।

सरकार उनकी मांगे मानने के बजाय उन्हें जेलों में ठूस रही है, उन पर कार्रवाई कर रही है।पूर्व सीएम ने कहा कि पंजीयन में समस्या आई, वन अधिकार पट्टा वाले किसानों का पंजीयन नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि धान खरीदी के लिए ऑनलाइन टोकन नहीं कट रहा है। कई लोगों के पास एंड्रॉयड मोबाइल नहीं, कई लोग चॉइस सेंटर का चक्कर लगा रहें है।

पूर्व सीएम ने कहा कि महासमुंद के किसान मनबोध ने अपना गला काटकर आत्महत्या का प्रयास किए। उनका कोई सुध नहीं लेने वाला। उन्होंने कहा कि धान खरीदी केंद्र से सीधे धान उठाने वाले नहीं है। धान खरीदी केंद्र से संग्रहण केंद्र ले जा रहे है,और आरओ फरवरी में कटेंगे। इस अव्यवस्था से लगता है कि सरकार की मंशा धान खरीदने का नहीं है। पिछले साल के धान खरीदी का उठाव नहीं हो पाया। सरकार इस पूरे नाकामी के लिए जिम्मेदार है। सरकार सिस्टम को बर्बाद कर निजी हाथों में सौंपने का षडयंत्र कर रही है।

चर्चा में पूर्व मंत्री उमेश पटेल ने आरोप लगाया कि धान खरीदी में किसानों को परेशान किया जा रहा है। इस व्यवस्था से परेशान होकर कम किसान धान बेच पाए, यह कोशिश हो रही है। कांग्रेस सदस्य रामकुमार यादव ने आरोप लगाया कि किसानों को खून के आंसू रोने को मजबूर कर दिया गया है। विक्रम मंडावी ने कहा कि बस्तर से सरगुजा तक किसानों को धान बेचने के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

कांग्रेस सदस्य अटल श्रीवास्तव ने आरोप लगाया कि धान खरीदी के नाम भ्रष्टाचार हो रहा है। नए तुगलकी आदेश निकाल रही है। उन्होंने कहा कि 40 दिनों में 20 फीसदी ही धान खरीदी हो पाई है। बाद में मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्षी सदस्यों ने सदन से वाकआउट कर दिया। 


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