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23 जनवरी तक आरटीई दाखिले की सभी शिकायतें निपटाने के निर्देश
13-Dec-2025 1:45 PM
23 जनवरी तक आरटीई दाखिले की सभी शिकायतें निपटाने के निर्देश

हाईकोर्ट ने शासन से नया हलफनामा मांगा
छत्तीसगढ़' संवाददाता

बिलासपुर, 13 दिसंबर। शिक्षा के अधिकार (आरटीई) के तहत दाखिले से जुड़ी शिकायतों पर सुनवाई करते हुए छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने राज्य शासन को कड़े निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने कहा है कि प्रदेशभर से प्राप्त आरटीई एडमिशन संबंधी सभी शिकायतों का निराकरण 23 जनवरी तक अनिवार्य रूप से किया जाए।

सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ने शासन की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि आप अदालत के साथ मजाक नहीं करें। कोर्ट ने स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव, रायपुर को इन मुद्दों पर नया शपथपत्र (एफिडेविट) दाखिल करने का निर्देश दिया है।

भिलाई निवासी सामाजिक कार्यकर्ता सी. वी. भगवंत राव ने अपने अधिवक्ता देवर्षि ठाकुर के माध्यम से जनहित याचिका दायर की है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि निजी स्कूल आरटीई के तहत गरीब और वंचित वर्ग के बच्चों को तय प्रावधानों के अनुसार अलग से प्रवेश नहीं दे रहे हैं। इस मामले में लंबे समय से हाईकोर्ट में सुनवाई चल रही है।

कोर्ट को बताया गया कि 17 अक्टूबर 2025 को स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव ने व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल किया था। हालांकि, डिवीजन बेंच ने इसे पर्याप्त नहीं मानते हुए निर्देश दिया कि अभिभावकों की शिकायतों के निपटारे का पूरा विवरण देते हुए नया हलफनामा पेश किया जाए।

सुनवाई में चीफ जस्टिस ने कहा कि बिना नियम बनाए आरटीई की गाइडलाइन कैसे जारी कर दी गई? यदि ग्रीवांस सेल नहीं होगी तो निजी स्कूलों पर दबाव कैसे बनेगा। बिना पेनल प्रोविजन के आरटीई कानून कैसे लागू होगा। कोर्ट ने यह भी कहा कि आरटीई एक्ट की धारा 12(सी) में प्री-स्कूल के लिए भी प्रावधान मौजूद है।

कोर्ट को यह भी जानकारी दी गई कि बिलासपुर जिले में 99 में से 98 आरटीई शिकायतें अब भी लंबित हैं। इसे गंभीर मानते हुए डिवीजन बेंच ने शासन को 23 जनवरी तक सभी लंबित शिकायतों के निपटारे के निर्देश दिए हैं। साथ ही, राज्य को प्री-नर्सरी और नर्सरी स्कूलों की मान्यता के लिए नए नियम बनाने की स्वतंत्रता भी दी गई है।

 


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