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-दिलीप कुमार शर्मा
असम पुलिस की विशेष जांच दल (एसआईटी) ने लोकप्रिय गायक ज़ुबिन गर्ग की मौत के मामले में शुक्रवार को गुवाहाटी के चीफ़ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट के सामने चार्जशीट दाखिल कर दी है.
नौ सदस्यों वाली एसआईटी की टीम 3500 पन्ने की इस चार्जशीट को लेकर छह गाड़ियों के काफिले में कोर्ट पहुंची.
पिछले 19 सितंबर को 52 साल के जु़बिन गर्ग की सिंगापुर में कथित तौर पर पानी में डूबने से मौत हो गई थी.
जु़बिन गर्ग की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद परिवार और उनके प्रशंसकों में काफ़ी नाराज़गी देखने को मिली है.
पिछले तीन महीनों से सैकड़ों प्रशंसक जु़बिन गर्ग की मौत को लेकर अलग-अलग मंचों पर न्याय की मांग कर रहे हैं.
गायक की मौत के बाद राज्य के अलग-अलग हिस्सों में 60 से ज़्यादा मामले दर्ज किए गए. इसके बाद यह केस सीआईडी ने रजिस्टर किया और इसकी जांच क्रिमिनल कॉन्सपिरेसी, गै़र-इरादतन हत्या और लापरवाही से मौत से जुड़ी धाराओं के तहत की गई. हालांकि, बाद में जांच अधिकारियों ने इस मामले में मर्डर चार्ज भी जोड़ दिए.
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा सत्र में दावा किया था कि गर्ग की मौत ''साफ़-साफ़ हत्या'' थी.
एसआईटी ने जानकारी दी थी कि इस केस के सिलसिले में कुल सात लोगों को गिरफ़्तार किया गया और 300 से ज़्यादा गवाहों से पूछताछ की गई है.
इस मामले से जुड़े एक वकील का कहना है कि चार्जशीट सबसे पहले कोर्ट की जनरल रजिस्टर ब्रांच को मिलेगी. शुरुआती प्रोसेसिंग के बाद इसे स्क्रूटनी के लिए मजिस्ट्रेट के सामने रखा जाएगा.
मजिस्ट्रेट के शुरुआती जांच पूरी करने के बाद केस सेशन कोर्ट को भेज दिया जाएगा, जहां ट्रायल शुरू होगा.
एक और वकील ने बताया कि केस के हाई प्रोफ़ाइल होने की वजह से स्क्रूटनी दो या तीन दिनों में पूरी हो सकती है. मजिस्ट्रेट के रिकॉर्ड पर लेने के बाद आम लोग भी चार्जशीट देख सकते हैं.
जु़बिन गर्ग की छोटी बहन पाल्मी बोरठाकुर ने हाल ही में बीबीसी को बताया था कि उनका परिवार और जु़बिन को प्यार करने वाले सैकड़ों लोग यह जानना चाहते है कि 19 सितंबर को आख़िर गायक के साथ सिंगापुर में हुआ क्या था. (bbc.com/hindi)


