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नक्सलियों ने हिड़मा, और शंकर की मौत की न्यायिक जांच मांगी
04-Dec-2025 5:43 PM
नक्सलियों ने हिड़मा, और  शंकर की मौत की न्यायिक जांच मांगी

मनीष कुंजाम-सोनी सोढ़ी पर आरोप 

छत्तीसगढ़' संवाददाता 

जगदलपुर, 4 दिसंबर। नक्सलियों की दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी ने  कामरेड हिडमा और कामरेड शंकर की मौत को “फर्जी मुठभेड़” करार देते हुए न्यायिक जांच की मांग की है। संगठन ने दावा किया कि 15 से 19 नवंबर के बीच आंध्रप्रदेश पुलिस ने दोनों नेताओं समेत कुल 13 माओवादियों को हिरासत में लेकर यातना देने के बाद मार डाला और घटनाओं को मुठभेड़ के रूप में पेश किया।

कमेटी के प्रवक्ता विकल्प ने प्रेस को जारी बयान में कहा कि विजयवाड़ा के एक लकड़ी व्यापारी और अन्य व्यक्तियों ने जानकारी पुलिस तक पहुंचाई, जिसके कारण हिडमाल और उनके साथियों को पकड़ा गया। संगठन ने आरोप लगाया कि इसी मुखबिरी के आधार पर 50 अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया गया।
कमेटी ने माओवादी नेता देवजी पर लगाए गए आरोपों को खारिज किया। माओवादियों का कहना है कि हिडमाल की हत्या के लिए देवजी को जिम्मेदार बताना “षड्यंत्र” है। इस संदर्भ में उन्होंने भूतपूर्व विधायक मनीष कुंजाम और कार्यकर्ता सोनी सोढ़ी की आलोचना की और उनके बयानों को “भ्रामक और बिना तथ्य” बताया।

प्रेस विज्ञप्ति में केंद्र और राज्य सरकारों पर आरोप लगाया गया कि उन्होंने माओवादी नेतृत्व तथा ग्रामीणों के खिलाफ “संयुक्त अभियान” चलाया है। संगठन ने कहा कि हाल के महीनों में सुरक्षा बलों की कार्रवाई में ग्रामीणों और कार्यकर्ताओं की मौतें हुई हैं जिन्हें वे फर्जी मुठभेड़ बताते रहे हैं।

माओवादी संगठन ने जनता से अपील की है कि हिडमाल और शंकर की मौतों की न्यायिक जांच, गिरफ्तार व्यक्तियों को कानूनी सहायता और "कगार युद्ध" बंद करने की मांगों को लेकर जन आंदोलन चलाया जाए। कमेटी ने समर्थकों से कहा कि सरकारी प्रचार या भ्रामक बयानों से भ्रमित हुए बिना आंदोलन में दृढ़ता से बने रहें।


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