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बिलासपुर से अयोध्या के लिए सीधी ट्रेन की मांग भी उठाई
छत्तीसगढ़' संवाददाता
बिलासपुर, 4 दिसंबर। रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने केंद्रीय राज्य मंत्री एवं बिलासपुर सांसद तोखन साहू को छत्तीसगढ़ में चल रही प्रमुख रेलवे परियोजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। बैठक में प्रदेश के रेल विकास की रफ्तार, नई लाइनों की स्थिति और स्टेशनों को आधुनिक बनाने की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।
रेल मंत्री ने बताया कि खरसिया–परमलकाशा, उसलापुर–पेंड्रा तीसरी लाइन, झारसुगुड़ा–बिलासपुर चौथी लाइन, दाधापारा–बिल्हा चौथी लाइन, बिल्हा–दगौरी चौथी लाइन, दगौरी–निपनिया चौथी लाइन और दाधापारा–निपनिया चौथी लाइन जैसी परियोजनाएँ तेज गति से आगे बढ़ रही हैं।
इसके अलावा अमृत भारत स्टेशन योजना, ट्रेनों के ठहराव, रूटों में बढ़ोतरी तथा नई रेलवे लाइनों की प्रगति पर भी विस्तृत अपडेट दिया गया।
बैठक के दौरान आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तथा बिलासपुर लोकसभा सांसद तोखन साहू ने अपने संसदीय क्षेत्र की सबसे महत्वपूर्ण और बहुप्रतीक्षित परियोजना कटघोरा–डोंगरगढ़ नई रेलवे लाइनको जल्द शुरू करने का औपचारिक आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि यह लाइन न केवल कोर क्षेत्रों को जोड़ेगी बल्कि क्षेत्र के व्यापार, आवागमन और रोजगार के नए रास्ते भी खोलेगी।
तोखन साहू ने बिलासपुर लोकसभा क्षेत्र की यातायात जरूरतों को ध्यान में रखते हुए रेल मंत्री के समक्ष सात प्रमुख मांगें रखीं इनमें भनवारटंक स्टेशन के पहले (मरही माता मंदिर क्षेत्र) अंडरब्रिज का निर्माण, सल्का स्टेशन के आगे सल्का–मजगांव पहुँच मार्ग पर अंडरब्रिज, नवागांव (सल्का)–ढेलुवापुर मार्ग पर अंडरब्रिज, जयरामनगर (आज़ाद मोहल्ला) में अंडरब्रिज निर्माण, कोटा स्टेशन के आगे, रतनपुर जाने के लिए ओवरब्रिज, जयरामनगर ओवरब्रिज, जिसका कार्य लंबे समय से अधूरा है—इसे शीघ्र पूरा कराया जाए तथा बिलासपुर–टाटानगर एक्सप्रेस तथा कोरबा–रायपुर हसदेव एक्सप्रेस का जयरामनगर स्टेशन पर ठहराव शामिल है।
सांसद साहू ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को एक पत्र सौंपकर बिलासपुर–अयोध्या के बीच सीधी रेल सेवा शुरू करने का आग्रह भी किया है।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ भगवान राम का ननिहाल माना जाता है, जिसके कारण यहां से प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु अयोध्या धाम जाते हैं। सीधी ट्रेन न होने से यात्रियों को बदलकर यात्रा करनी पड़ती है, जिससे समय और खर्च दोनों बढ़ते हैं।
उन्होंने सुझाव दिया कि इस मार्ग पर एक एक्सप्रेस ट्रेन या विशेष ट्रेन शुरू की जाए, जिससे श्रद्धालुओं, पर्यटकों और अन्य यात्रियों को बड़ी सहूलियत मिलेगी।


