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सांसद बृजमोहन ने उठाया चूना पत्थर पुनर्वर्गीकरण का मुद्दा
03-Dec-2025 8:54 PM
सांसद बृजमोहन ने उठाया चूना पत्थर पुनर्वर्गीकरण का  मुद्दा

आईबीएम को विवरणी दाखिल करने में देरी पर 30 जून 2026 तक जुर्माने से राहत

रायपुर/नई दिल्ली 03 दिसंबर। सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने लोकसभा में चूना पत्थर (लाइम स्टोन) के पुनर्वर्गीकरण, पंजीकरण, खनन योजनाओं की वैधता, जुर्मानों में राहत और लंबित रियायत आवेदनों के समाधान से जुड़ा प्रश्न उठाया।

सांसद बृजमोहन ने कहा कि  छोटे पट्टाधारकों को अनावश्यक दंड से बचाया जाए। ताकि राज्य में खनिज आधारित उद्योगों पर नकारात्मक प्रभाव न पड़े और  लंबित रियायतें समयबद्ध तरीके से मंजूर हों।

केंद्रीय कोयला और खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने व्यापक आश्वासन दिया और एक ऐसी संक्रमणकालीन योजना (Transition Plan) की रूपरेखा प्रस्तुत की, जो छोटे पट्टाधारकों को तत्काल दंड और प्रशासनिक बाधाओं से बचाती है। 
उन्होंने बताया कि, 
चूना पत्थर को प्रमुख खनिज घोषित करने के बाद भी, लघु खनिज के रूप में पूर्व से कार्यरत पट्टाधारकों को 31 मार्च 2026 तक ऑनलाइन पंजीकरण की राहत दी गई।

संक्रमण काल में भारतीय खान ब्यूरो में विवरण प्रस्तुत करने में आई व्यावहारिक चुनौतियों को देखते हुए जुर्माना न लगाने का बड़ा निर्णय लिया गया है जो सांसद बृजमोहन की सतत पैरवी का प्रतिफल है।
31 मार्च 2027 तक खान योजनाओं की वैधता पर स्पष्ट मार्गदर्शन जारी हुआ, जिससे देशभर के पट्टाधारकों को स्थिरता और सुरक्षा मिली।
जहाँ-जहाँ राज्यों ने 10 अक्टूबर 2025 से पहले रियायत देने की प्रक्रिया पूरी कर ली थी, वहां उनके अधिकारों को संरक्षित रखते हुए दो वर्ष की अतिरिक्त अवधि प्रदान की गई, ये राहत छोटे उद्यमों के लिए जीवनरेखा साबित होगी।
देश के प्रमुख चूना पत्थर उत्पादक राज्यों की सूची जारी करते हुए, राज्यवार सक्रिय खदानों का विवरण सार्वजनिक हुआ यह एक पारदर्शी शासन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम।


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