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ट्रिब्यूनल ने विवाद सुलझाने का मौका दिया, 20 को सुनवाई
‘छत्तीसगढ़’ विशेष रिपोर्ट : शशांक तिवारी
रायपुर,25 नवंबर (‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता)। ओडिशा ने महानदी बेसिन से गर्मियों में ज्यादा पानी देने के दबाव बनाया है। मगर इसके लिए छत्तीसगढ़ तैयार नहीं है। इस कड़ी में पिछले दिनों ट्रिब्यूनल में सुनवाई हुई, और दोनों राज्यों ने अपना-अपना पक्ष रखा। बताया गया कि जल विवाद सुलझाने गठित ट्रिब्यूनल ने कोई निष्कर्ष निकालने के लिए दोनों राज्यों को मौका दिया है। इस पर 20 दिसंबर को सुनवाई होगी।
पिछले दो दशक से महानदी जल बंटवारे पर छत्तीसगढ़, और ओडिशा के बीच विवाद चल रहा है। महानदी लगभग 9 सौ किलोमीटर लंबी है। इसमें 357 किमी छत्तीसगढ़, और 494 किमी ओडि़शा में बहती है।
महानदी बेसिन में कुल 7 नदियां आती है। इनमें शिवनाथ, हसदेव, मांड, तेल, जोंक, इब और ओंग नदी है। दोनों राज्यों में औद्योगीकरण, और सिंचाई सुविधा में बढ़ोतरी के चलते ज्यादा से ज्यादा पानी के लिए खींचतान चल रही है। पिछली सरकारों में सीएम स्तर पर भी विवाद सुलझाने के लिए दिल्ली में बैठक हुई थी।
दोनों राज्यों की कई बैठकों के बाद भी विवाद का निपटारा नहीं हो पाया है। इस पर केंद्र सरकार के हस्तक्षेप के बाद ट्रिब्यूनल गठित किया गया। पहले सुप्रीम कोर्ट के रिटायर जज एएम खानविलकर ट्रिब्यूनल के अध्यक्ष बने, और फिर उनके हटने के बाद सुप्रीम कोर्ट की रिटायर्ड जज श्रीमती बेला त्रिवेदी अध्यक्ष नियुक्त की गई हैं। इसमें दोनों और रिटायर्ड जज रविरंजन व सुश्री इंदरमीत कौर हैं। सूत्रों के मुताबिक महानदी जल विवाद पर 22 तारीख को दिल्ली में ट्रिब्यूनल ने सुनवाई की। इसमें दोनों राज्य ओडि़शा और छत्तीसगढ़ ने अपना-अपना पक्ष रखा है।
ओडिशा ने गर्मियों में बेसिन से ज्यादा पानी की डिमांड की है, जबकि छत्तीसगढ़ ने असहमति जताई है। ‘छत्तीसगढ़’ के एक अफसर ने बताया कि गर्मियों में पानी कम रहता है। ऐसे में अतिरिक्त पानी दे पाना संभव नहीं है। बताया गया कि ट्रिब्यूनल ने ओडिशा और छत्तीसगढ़ में आपसी सहमति से कोई निष्कर्ष निकालने के एक मौका दिया है। प्रकरण पर 20 दिसंबर को सुनवाई होगी।
बताया गया कि छत्तीसगढ़ और ओडिशा की टेक्निकल एक्सपर्ट कमेटी गर्मियों में पानी की उपलब्धता का मूल्यांकन करेगी, और आपस में सुनवाई से पहले किसी नतीजे पर पहुंचने की कोशिश करेगी। वैसे यह कमेटी बेसिन का एक बार दौरा कर चुकी है। विभागीय सूत्रों के मुताबिक सीएम विष्णुदेव साय की ओडिशा के सीएम मोहनचरण मांझी के साथ जल विवाद निपटारे के लिए एक बैठक हो चुकी है। बैठक में विवाद को सुलझाने पर जोर दिया गया। इस बैठक का प्रतिफल यह रहा कि बेसिन पर निर्माणाधीन एक दूसरे प्रोजेक्ट को पूरा करने पर सहमति बनी थी। मगर जल बंटवारे पर काफी कुछ होना बाकी है। इस पूरे विवाद पर 20 तारीख को दोनों राज्यों का रूख सामने आ पाएगा।


