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बिलासा एयरपोर्ट को नाइट लैंडिंग की सुविधा दो-तीन महीने में मिलने की उम्मीद
25-Nov-2025 2:14 PM
बिलासा एयरपोर्ट को नाइट लैंडिंग की सुविधा दो-तीन महीने में मिलने की उम्मीद

हाई कोर्ट की लगातार निगरानी का असर, सीएस ने बताया विकास कार्यों में तेजी आई
छत्तीसगढ़' संवाददाता

बिलासपुर, 25 नवंबर। बिलासपुर एयरपोर्ट के विस्तार में बरसों से चली आ रही देरी पर हाई कोर्ट की लगातार सुनवाई अब असर दिखाने लगी है। सोमवार को हुई सुनवाई में राज्य सरकार ने पहली बार स्पष्ट बताया कि एयरपोर्ट विकास के लिए अनुपूरक बजट में 150 करोड़ रुपये की मांग भेज दी गई है।

राज्य के मुख्य सचिव ने अदालत में दायर शपथपत्र में कहा कि बिलासपुर में विमान सेवाओं के विस्तार को प्राथमिकता दी जा रही है और आवश्यक धनराशि उपलब्ध कराने की तैयारी अंतिम चरण में है।

एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने अपने शपथपत्र में बताया कि नाइट लैंडिंग से जुड़ी सभी तकनीकी जांच पूरी हो चुकी हैं और रिपोर्ट मुख्यालय भेज दी गई है। जैसे ही मुख्यालय की अंतिम स्वीकृति मिलती है, एयरपोर्ट प्रबंधन केंद्र सरकार से नाइट लैंडिंग लाइसेंस के लिए आवेदन करेगा। राज्य सरकार का दावा है कि 2–3 महीनों में नाइट लैंडिंग सुविधा चालू हो जाएगी।  

यात्रियों की शिकायतों पर मुख्य सचिव ने हाई कोर्ट को बताया कि टर्मिनल भवन के अंदर की अधिकांश सुविधाएं चालू हैं। साथ ही, बंद पड़ी कैंटीन को जल्द शुरू किया जा रहा है। बाहरी हिस्से में नया सिटिंग एरिया, टॉयलेट और कैंटीन का निर्माण जारी है, जो दो महीनों में पूरा हो जाएगा। रनवे की रीकैपिंग के लिए बजट पहले ही मंजूर किया जा चुका है, जिससे बड़े विमानों के संचालन का रास्ता साफ होगा।

एयरपोर्ट विस्तार की सबसे बड़ी अड़चन सेना के कब्जे वाली जमीन को लेकर है। सरकार ने कोर्ट को जानकारी दी कि भूमि हस्तांतरण से जुड़े मुद्दों पर सेना से लगातार संवाद चल रहा है और जल्द समाधान की उम्मीद है।

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता सुदीप श्रीवास्तव ने कहा कि मौजूदा अराइवल और डिपार्चर हॉल छोटे हैं और बढ़ती यात्रियों की संख्या को देखते हुए नए टर्मिनल भवन की बेहद जरूरत है।

इस पर अतिरिक्त महाधिवक्ता यशवंत सिंह ठाकुर ने कहा कि बजट स्वीकृति मिलते ही सभी लंबित कार्य शुरू कर दिए जाएंगे।

चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस बी.डी. गुरु की खंडपीठ ने दोनों पक्षों द्वारा दी गई जानकारी पर संतोष व्यक्त किया और उम्मीद जताई कि अगली सुनवाई तक जमीन हस्तांतरण और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं में ठोस प्रगति होगी। मामले की अगली सुनवाई 16 जनवरी 2026 को होगी।

 


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