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‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, 25 नवंबर। जिले के बनझोरका गांव में संचालित प्राइमरी स्कूल का पक्का भवन नेशनल हाईवे विस्तार के दौरान ढहा दिया गया। बिलासपुर-जबलपुर मार्ग पर बन रहे नए नेशनल हाईवे की जद में आने के कारण यह कार्रवाई की गई।
स्थानीय लोगों के अनुसार, जिस भवन में बच्चे पढ़ते थे, वही अब पूरी तरह मलबे में बदल गया है। जल्दबाजी में तोड़फोड़ होने से बच्चों के लिए कोई समुचित वैकल्पिक व्यवस्था तैयार ही नहीं की गई।
प्राथमिक स्कूल के बच्चों को अब गांव के ही मिडिल स्कूल बनझोरका के खुले बरामदे में बैठाया जा रहा है। यहां पहले से कमरे कम हैं। यहां कक्षा 6वीं, 7वीं और 8वीं को सिर्फ दो कमरों में समायोजित किया जाता है। ऐसे में प्राथमिक कक्षा, 1 से 5वीं तक के बच्चों को बरामदे में एक साथ पढ़ना पड़ रहा है।
अभिभावकों और शिक्षकों का कहना है कि तेज आवाज, भीड़ और जगह की कमी की वजह से बच्चों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है।
जिस प्राइमरी स्कूल को ध्वस्त किया गया, वह कुछ ही समय पहले ‘शाला जतन योजना’ के तहत रंग-रोगन कर आकर्षक बनाया गया था। भवन मजबूत था, कई कमरे थे और बच्चों के खेलने की भी अलग जगह थी।
अब उस पूरे परिसर में सिर्फ ढेर सारा मलबा और टूटी दीवारें बची हैं।


