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ग्रामीणों ने वनकर्मी पर लगाया रिश्वतखोरी और मारपीट का आरोप
22-Nov-2025 1:54 PM
 ग्रामीणों ने वनकर्मी पर लगाया रिश्वतखोरी और मारपीट का आरोप

25 लोगों पर झूठी एफआईआर से गांव में तनाव, न्याय के लिए भटक रहे पीड़ित परिवार

छत्तीसगढ़' संवाददाता 

कोरबा, 22 नवंबर। करतला वन परिक्षेत्र के जोगीपाली गांव में कथित अवैध लकड़ी तस्करी की सूचना से शुरू हुए मामले ने अब दूसरा मोड़ ले लिया है। ग्रामीणों ने बीट गार्ड गजाधर राठिया और वनपाल चमरू कंवर पर एक लाख रुपये रिश्वत मांगने, गाली-गलौज करने और महिलाओं से बदसलूकी तक के आरोप लगाए हैं। वहीं वन विभाग पहले ही 25 ग्रामीणों पर हमला करने का मुकदमा दर्ज करा चुका है।  

ग्रामीणों के अनुसार, 14 नवंबर की शाम अंकुश पटेल अपने निजी खेत में खड़े सूखे पेड़ को काटकर जलावन के लिए घर ला रहा था। इसकी जानकारी गांव के कुछ लोगों ने आपसी रंजिश के चलते बीट गार्ड गजाधर राठिया को दे दी। आरोप है कि जैसे ही ट्रैक्टर जोगीपाली जंगल किनारे पहुंचा, वनकर्मी गजाधर राठिया और वनपाल चमरू कंवर ने उसे रोक लिया। ग्रामीणों का कहना है कि दोनों नशे में थे और गजाधर राठिया ने ट्रैक्टर छोड़ने के बदले एक लाख रुपये की मांग की।

रिश्वत देने से इनकार करने पर कथित रूप से गाली-गलौज और मारपीट शुरू हो गई। विवाद बढ़ने पर अंकुश ने परिजनों को फोन कर मदद बुलाई। परिजन पहुंचे तो उनके साथ भी झगड़ा हुआ और मनाराम पटेल के चेहरे पर चोटें आईं।

ग्रामीणों के अनुसार, मामला सुलझाने के लिए गजाधर राठिया को गांव ले जाया गया। यहां एक महिला ने उनसे विनती की कि लकड़ी सिर्फ जलाने की है, मामला छोड़ दें। आरोप है कि राठिया ने यहां भी एक लाख रुपये की मांग दोहराई और न मानने पर महिला को धक्का दे दिया।

इस व्यवहार से गांव में भारी नाराजगी फैल गई और माहौल बिगड़ने लगा। ग्रामीणों ने बीच-बचाव कर किसी तरह स्थिति संभाली और वनकर्मियों को वहां से भेजा।

ग्रामीणों का कहना है कि घटना में खुद फंसते देख गजाधर राठिया ने अपनी टीम के साथ मिलकर अगले दिन एक ही परिवार के 10 लोगों और 15 अज्ञात लोगों पर हमला करने और बंधक बनाने की झूठी एफआईआर दर्ज करा दी, जिनमें कई उस समय गांव में मौजूद ही नहीं थे।

जब पीड़ित परिवार अपनी शिकायत दर्ज कराने करतला थाने पहुंचे, तो उन्हें घंटों बैठाए रखा गया। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस ने पहले वन विभाग की रिपोर्ट दर्ज की और उनकी शिकायत लेने से इंकार कर दिया। अगले दिन भी यही स्थिति रही न एफआईआर दर्ज हुई, न कोई सूचना मिली।

थकहारकर ग्रामीण कलेक्टर ऑफिस गए, जहां से उन्हें SP ऑफिस भेजा गया। SP के अनुपस्थित होने पर उन्होंने लिखित शिकायत जमा कर दी, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई शुरू नहीं हुई है।

चोरभट्ठी, चारमार, मदवानी, नोनदरहा और जोगीपाली के कई ग्रामीणों का कहना है कि गजाधर राठिया लंबे समय से इसी तरह दबंगई दिखाता है और पैसे की मांग करता है। ग्रामीणों ने रायगढ़ जिले के धसकामुड़ा गांव तक में उसके पहुंचकर वसूली करने का आरोप लगाया।

लोगों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपित कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि गरीबों को न्याय मिल सके और कानून पर लोगों का भरोसा बना रहे।

मालूम हो कि 17 नवंबर को वन विभाग ने दावा किया था कि जोगीपाली में लकड़ी तस्करी रोकने गई टीम पर ग्रामीणों ने हमला किया, उन्हें बंधक बनाकर पीटा और वर्दी फाड़ दी। इस आधार पर 4 नामजद और 25 ग्रामीणों पर एफआईआर दर्ज की गई है।

 


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