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लागू हुए चार नए श्रम क़ानून, कामकाजी घंटों से लेकर वेतन तक क्या कुछ बदलेगा?
22-Nov-2025 10:02 AM
लागू हुए चार नए श्रम क़ानून, कामकाजी घंटों से लेकर वेतन तक क्या कुछ बदलेगा?

भारत सरकार ने आज से सभी चार श्रम क़ानूनों को लागू करने की घोषणा कर दी है. पीआईबी की प्रेस रिलीज़ के मुताबिक़, ''इन क़ानूनों को मौजूदा 29 श्रम क़ानूनों के स्थान पर लागू किया जा रहा है.''

इन 29 क़ानूनों में चार क़ानून वेतन और पारिश्रमिक वाले प्रावधानों से संबंधित हैं. नौ क़ानून सामाजिक सुरक्षा प्रावधानों से और 13 क़ानून पेशेगत सुरक्षा, स्वास्थ्य और कामकाजी सुविधाओं से जुड़े हैं. बाक़ी बचे तीन क़ानूनी प्रावधान उद्योग धंधों से संबंधित हैं.

सरकार का दावा है कि इन बदलावों से संगठित और असंगठित दोनों क्षेत्रों के कामगारों को फ़ायदा होगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस फ़ैसले को ऐतिहासिक बताते हुए एक्स पर पोस्ट किया है.

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने पोस्ट में लिखा, ''श्रमिक भाई-बहनों के लिए ऐतिहासिक दिन है. हमारी सरकार ने चार लेबर कोड लागू कर दिए हैं. आज़ादी के बाद यह श्रमिकों के हित में किया गया सबसे बड़ा रिफ़ॉर्म है. यह देश के कामगारों को बहुत सशक्त बनाने वाला है. इससे जहां नियमों का पालन करना बहुत आसान होगा, वहीं ‘ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस’ को बढ़ावा मिलेगा.''

सीपीआई(एम) ने किया विरोध

कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया (मार्क्सवादी) ने सरकार के इस फ़ैसले का विरोध करते हुए एक बयान जारी किया है. बयान में कहा गया है कि ये नए कानून कर्मचारियों के ख़िलाफ़ और मालिकों के हित में हैं.

इसी साल जुलाई के महीने में भी भारत की दस केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और फ़ेडरेशनों के फ़ोरम ने इस चार लेबर कोड्स के ख़िलाफ़ देशव्यापी आम हड़ताल का आह्वान किया था. ट्रेड यूनियनों का कहना था कि चार लेबर कोड्स के ज़रिए जिन 29 श्रम क़ानूनों को बदला गया है वो कॉरपोरेट सेक्टर को फ़ायदा पहुंचाने के लिए किया गया है.(bbc.com/hindi)


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