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रविवार को बैठक
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 21 नवंबर। संपत्ति की गाइडलाइन दर में बढ़ोतरी के खिलाफ रीयल एस्टेट कारोबारी लामबंद हो गए हैं। कारोबारियों ने ऐलान किया है कि जब गाइडलाइन दरों में संशोधन नहीं होता है, वो रजिस्ट्री नहीं कराएंगे। इस सिलसिले में रविवार को बैठक भी रखी गई है।
सरकार ने सात साल बाद जमीन की गाइडलाइन दरों में बढ़ोतरी की है। शहरों में 20 से 40 फीसदी, और ग्रामीण इलाकों में 50 से 3 सौ फीसदी तक गाइडलाइन दरों में बढ़ोतरी की है। संपत्ति की नई गाइडलाइन दर जारी होने के बाद से रीयल एस्टेट कारोबारियों में नाराजगी है।
कारोबारियों का मानना है कि रियल एस्टेट कारोबारी बुरी तरह प्रभावित होगा। विशेषकर रायपुर और आसपास के इलाकों में गाइड लाइन दर 3 सौ फीसदी बढ़ गई है।
रायपुर और आसपास के इलाकों में बड़े प्रोजेक्ट्स आ रहे हैं। हजारों करोड़ों का निवेश हो रहा है, लेकिन गाइडलाइन दरों में भारी वृद्धि से नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
रीयल एस्टेट कारोबारी लामबंद हो रहे हैं, और इसके विरोध करने जा रहे हैं। एक रियल इस्टेट कारोबारी विनोद धामेचा ने ‘छत्तीसगढ़’ से चर्चा में कहा कि कारोबारियों की लगातार बैठक चल रही है। अभी फिलहाल कोई भी रजिस्ट्री नहीं कराने का फैसला लिया गया है। चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री से भी समर्थन मांगा गया है। एक-दो दिनों में बड़ी बैठक कर विरोध को लेकर आगे की रणनीति तैयार की जाएगी।


