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हिड़मा का एनकाउंटर फर्जी, देवा ने मरवाया-कुंजाम
21-Nov-2025 4:50 PM
हिड़मा का एनकाउंटर फर्जी, देवा ने मरवाया-कुंजाम

बड़ी घटनाओं के पीछे आंध्र के नक्सल नेताओं का हाथ...

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

सुकमा, 21 नवंबर। सीपीआई के पूर्व विधायक मनीष कुंजाम ने शुक्रवार को जोर देकर कहा कि नक्सल नेता माडवी हिड़मा के एनकाउंटर का दावा फर्जी है। हिड़मा को पहले पकड़ा गया, और फिर मारा गया है।

कुंजाम ने हिड़मा की मौत पर मीडिया से चर्चा की। उन्होंने कहा कि 18 तारीख को एक बहुत बड़ी घटना हुई है। उसके बाद आन्ध्र प्रदेश में जो घटना दिखाई गई, वो अत्यन्त नाटकीय है। कोई भी समझदार आदमी उस घटना पर विश्वास नहीं करेगा।

पूर्व विधायक ने कहा कि मैं उस वक्त आन्ध्र प्रदेश-तेलंगाना में ही था, गुजरात में भी गया था। वहाँ से ही सारी जानकारी मिली। लेकिन ये कहना कि हिड़मा का एनकाउंटर हुआ, ये एकदम फर्जी है। इसमें जरा भी सच्चाई नहीं है। हिड़मा को पहले पकड़ा गया, कहीं और मारा गया, फिर लाशों को वहां रखकर एनकाउंटर स्थल बताया गया ताकि सारे सबूत खत्म हो जाएं। अभी भी मीडिया को वहाँ जाने नहीं दिया जा रहा है। ये मौजूदा स्थिति है।

कुंजाम ने आगे कहा कि 18-19 तारीख की घटना के बाद दो दिन बाद पता चला कि लगभग 50 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया। परसों से ही खबरें थीं, कल पूरी पुष्टि हो गई।

 

उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले में जो खेल हुआ है, वो ये है कि देवजी (देवा), जो पहले नक्सलियों का बड़ा लीडर था, उसने इन सारे लोगों को पहले इक_ा किया और कहा, चलो आन्ध्र चलते हैं। वहां जाकर उसने सरेंडर कराने के नाम पर अपना वजूद बढ़ाना चाहा, अपनी छवि चमकाना चाहा ताकि बची हुई जिंदगी में राजनीति या कहीं और बेहतर मौका मिल जाए। देवजी ने ही हिड़मा को मरवा डाला।

कुंजाम ने बताया कि सारी बड़ी घटनाओं का मास्टरमाइंड हिड़मा बताया जा रहा है। जबकि ये सब आन्ध्र-तेलंगाना वाले पढ़े-लिखे लोग थे, जो घास चिल रहे थे। इन्हीं लोगों ने सब करवाया, सारा इल्ज़ाम हिड़मा पर डाला, खुद बच गए। हिड़मा को मरवाया और बाकी लोगों को गिरफ्तार करवाया ताकि कोई सबूत न बचे। खुद कहीं आराम से हैं। कहीं गिरफ्तारी दिखाते हैं, कहीं एनकाउंटर बताते हैं। न गिरफ्तार हुई, न एनकाउंटर। वो आराम से हैं।

पूर्व विधायक ने बताया कि ताड़मेटला में 76 जवान मारे गए, उसमें मास्टरमाइंड रामन्ना था, जो उस इलाके का सब-ज़ोनल कमिटी सेक्रेटरी था। घटना के बाद वो यूट्यूब पर इंटरव्यू दे रहा था, फोन पर सबको बता रहा था। फिर हिड़मा मास्टरमाइंड कैसे हो गया? उस वक्त हिड़मा नया-नया ज़ोनल कमिटी में आया भी था।

उन्होंने कहा कि कल्लूरी और बाकी लोगों ने सिर्फ ये हवा बनाई थी कि आन्ध्र वाले आकर यहाँ के लोगों का इस्तेमाल कर रहे हैं, तुम नीचे के हो। ऊपर की कमेटियों में यहां के लडक़ों को दिखाने के लिए भर्ती कर रहे थे, असल में कुछ नहीं था।  76 जवानों की घटना में हिड़मा का भी योगदान रहा होगा, शामिल रहा होगा, लेकिन हर घटना का मास्टरमाइंड वो कतई नहीं था। हम अच्छी तरह हिड़मा को जानते हैं। वो हर घटना का मास्टरमाइंड नहीं हो सकता। मास्टरमाइंड तो आन्ध्र के लोग हैं।

कुंजाम ने कहा कि दूसरी सबसे बड़ी घटना सलवा जुडुम की थी। पहले जो शोषण था उसके लिए भी सरकार जिम्मेदार है। सलवा जुडुम शुरू हुआ उसके लिए भी सरकार जिम्मेदार है। उसी ने नक्सल आंदोलन को इतना बड़ा बनाया।

उन्होंने कहा कि और अभी जो देवा और कुछ अन्य लोग अपने इलाके में बड़े डीलर बनकर घूम रहे हैं, उनसे मेरी अपील है कि जो लोग अभी पुलिस के पास नहीं आए हैं, जल्दी आ जाएं। आन्ध्र-तेलंगाना जाने की जरूरत नहीं है। मुझे पूरा विश्वास है, सरेंडर पॉलिसी अभी लागू है। हम यहां की पुलिस से बात करेंगे, किसी को कुछ नहीं होगा। जरूरत पड़ी तो हम खुद लेने जाएंगे। दूसरे जिले भी नहीं जाना पड़ेगा। बस्तर के अंदर ही आ जाए।


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