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राजस्थान के जालौर ज़िले में नौ साल के एक दलित बच्चे की मौत के बाद बारां अटरू से कांग्रेस विधायक पानाचंद मेघवाल ने विधायक पद से इस्तीफ़ा दे दिया है.
मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा, "एक मटके का पानी पीने से या एक घोड़ी पर चढ़ने से या मूँछ रखने से किसी समाज का मान सम्मान कम नहीं होता है. जिस तरह से दलित समाज के साथ अत्याचार किया जा रहा है, उन्हें मारा जा रहा है उसे देखते हुए मेरे मन में टीस आई है कि इस तरह के अत्याचारों को सहन नहीं किया जाएगा और जनक्रांति लाने के लिए कोई ना कोई कुर्बानी देनी पड़ेगी और इसलिए मैं अपने विधायक पद से इस्तीफ़ा दे रहा हूँ."
क्या है मामला
जालौर विधानसभा की सायला तहसील के सुराणा गाँव में सरस्वती विद्यालय है. इस निजी विद्यालय की तीसरी कक्षा में ही नौ साल का दलित छात्र इंद्र कुमार मेघवाल पढ़ता था. आरोप है कि विद्यालय के संचालक और शिक्षक छैल सिंह ने 20 जुलाई को तीसरी कक्षा के छात्र इंद्र कुमार मेघवाल की पिटाई कर दी.
लगभग 40 साल के छैला सिंह की पिटाई से 9 साल के इंद्र कुमार मेघवाल के कान और आंख में चोट आई. परिवार वालों ने इस मामले में पुलिस को जो लिखित शिकायत दी है.
शिकायत के मुताबिक़, "हमेशा की तरह ही 20 जुलाई को इंद्र कुमार मेघवाल स्कूल गया था. लगभग 11 बजे उसे प्यास लगी तो मटकी से पानी पी लिया. वह नादान था, उसे नहीं पता था कि मटकी सवर्ण जाति के अध्यापक छैल सिह के लिए अलग से रखी हुई थी. छैल सिंह ने छात्र इंद्र कुमार मेघवाल से कहा, नीची जाति का होकर हमारी मटकी से पानी कैसे पिया और पीटा.जिससे उसके दाहिने कान और आंख पर अंदरूनी चोटें आईं."
इस पिटाई के बाद परिवार ने 23 दिन तक अलग-अलग जगह इंद्र कुमार को इलाज के लिए भर्ती करवाया. लेकिन आराम नहीं मिला. आख़िर में छात्र को गंभीर स्थिति में उदयपुर के अस्पताल से अहमदाबाद ले जाया गया.
अहमदाबाद में दो दिन भर्ती रहने के बाद इलाज के दौरान इंद्र कुमार ने 13 अगस्त को दम तोड़ दिया. मृतक इंद्र कुमार तीन भाइयों में सबसे छोटा था. (bbc.com)


