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‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 14 अगस्त । यह लगभग तय माना जा रहा है कि प्रदेशाध्यक्ष के बाद भाजपा अपने 14 सदस्यीय विधायक दल के नेता को भी बदलने जा रही है। नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक का उत्ताधिकारी चुनने 17 अगस्त को विधायक दल की बैठक बुलाई गई है।
भाजपा में यह बदलाव सीधे हाईकमान की निगरानी और निर्देश पर हो रहे हैं। 9 अगस्त को विष्णुदेव साय की जगह अरूण साव को प्रदेशाध्यक्ष बनाया गया है। इसकी दूसरी कड़ी में नेता प्रतिपक्ष बदला जाना है। राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने 11 अगस्त को धरमलाल कौशिक को बुलाकर अपनी फैसला सुना दिया है। नड्डा के ही निर्देशन में 17 अगस्त को विधायक दल की बैठक बुलाई गई है। बैठक, ठाकरे परिसर में होगी। इसके लिए नवनियुक्त क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अरूण जामवाल मध्यप्रदेश से रायपुर पहुंच चुके हैं तो प्रदेश प्रभारी डी पुरंदेश्वरी और सह प्रभारी नितिन नबीन, 16 को आएंगे। इस बैठक में प्रदेशाध्यक्ष अरूण साव भी रहेंगे। दैनिक ‘छत्तीसगढ़’ को संगठन सूत्रों ने बताया कि कौशिक के स्थान पर नए नेता प्रतिपक्ष के लिए नारायण चंदेल का नाम तय माना जा रहा है। राष्ट्रीय अध्यक्ष नड्डा, उन्हें दिल्ली बुलाकर चर्चा भी कर चुके हैं। चंदेल, झारखंड के राज्यपाल रमेश बैस के परिवार से ताल्लुक रखते हैं।
इसके बावजूद इस नाम को लेकर ऊहापोह भी सुनने को मिल रही है। विधायक दल का एक खेमा नारायण चंदेल और शिवरतन शर्मा, अजय चंद्राकर का नाम आगे बढ़ाया है। वहीं दूसरे खेमा डॉ. रमन सिंह या बृजमोहन अग्रवाल में से एक को चाहता है। बढ़ती उम्र की वजह से वरिष्ठतम विधायक ननकीराम कंवर, पुन्नुलाल मोहिले पर संगठन सहमत नहीं है। इन सबके बीच, डी पुरंदेश्वरी दिल्ली से ही नाम लेकर आएंगी, और 14 विधायकों में सहमति बनाने का प्रयास करेगी।
भाजपा का आंतरिक लोकतंत्र कहां है -सीएम बघेल
भाजपा के नेता प्रतिपक्ष बदले जाने की चर्चाओं पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि उनका (भाजपा) आंतरिक लोकतंत्र कहां है? वर्तमान नेता प्रतिपक्ष पर विधायक दल को विश्वास नहीं है, और जो बनाने वाले हैं, उन पर भी विधायक दल का विश्वास नहीं है। भाजपा लोकतंत्र की दुहाई देती है, लेकिन उनका आंतरिक लोकतंत्र कहां है?


