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राष्ट्रीय जनता दल के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद मनोज झा ने द हिंदू को दिए एक इंटरव्यू में बीजेपी पर चीन-मॉडल अपनाने का आरोप लगाया है.
द हिंदू को दिए एक इंटरव्यू में आरजेडी नेता मनोज झा ने कहा कि भगवा पार्टी देश में, जस का तस चीनी-मॉडल लागू करना चाहती है. वह सभी क्षेत्रीय पार्टियों को समाप्त करके 'वन-पार्टी-रूल' बननाा चाहती है.
बिहार में नीतीश कुमार के एनडीए से निकलकर महागठबंधन में शामिल होने और नई सरकार का मुख्यमंत्री बनने के बाद नई कैबिनेट का गठन होना है. इससे पहले नीतीश कुमार ने द हिंदू को दिए एक साक्षात्कार में कहा, जेडीयू के महागठबंधन का हिस्सा बनने के साथ ही यह तय हो गया है कि लोकसभा 2024 में बीजेपी सिर्फ़ 2 सीटें ही जीत पाएगी. वर्तमान में बीजेपी के पास राज्य की 40 सीटों में से 17 सीटें हैं. वहीं एनडीए गठबंधन की (जेडीयू की मिलाकर) 40 में से 39 सीटें हैं.
द हिंदू को दिए साक्षात्कार में मनोज झा ने साल 2022 और साल 2015 के महागठबंधन के बीच के अंतर को स्पष्ट करते हुए कहा कि नीतीश कुमार को अपने साल 2017 के फ़ैसले पर अफ़सोस है.
उन्होंने कहा, "नीतीश कुमार को साल 2017 में लिए अपने फ़ैसले पर अफ़सोस है. उनका कहना है कि कुछ लोगों ने उन्हें भ्रमित कर दिया था. इसके अलावा साल 2015 में हम चुनावी-साझेदार के रूप में सामने आए थे. इस बार हम अपने साझा लक्ष्यों को लेकर एकसाथ आए हैं. साझा लक्ष्य बिहार में लोकतंत्र को बचाए रखना है, जिसे बीजेपी क्षेत्रीय दलों को ख़त्म करके कुचल देना चाहती है. इसके अलावा साल 2015 की तुलना में एक बड़ा अंतर यह भी है कि उस समय नरेंद्र मोदी की बीजेपी सिर्फ़ एक साल पुरानी थी, हमारे सामने उनके कई रूप उस समय तक नहीं आए थे. साल 2022 तक हम उनके कई रूप देख चुके हैं."
मनोज झा से द हिंदू ने सवाल किया कि आख़िर जेडीयू के साथ ये गठबंधन कितना लंबा चलेगा?
इस पर मनोज झा ने कहा कि 'आप मेरे शब्दों को चाहें तो कहीं लिख लें, यह सवाल आगे कभी नहीं पूछा जाएगा. हम बेहतरी के लिए हमेशा साथ रहने वाले हैं. हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि आगामी लोकसभा चुनाव में 40 सीटों में से बीजेपी दो सीट से अधिक नहीं जीत सकेगी. इसके साथ ही झारखंड में भी उनकी सीटें घटेंगी.'
द हिंदू ने सवाल किया कि क्या 2024 में तेजस्वी नेतृत्व करेंगे?
इस पर मनोज झा ने कहा कि कोई भी इस बात का अंदाज़ा नहीं लगा सकता है कि क्या होगा. लेकिन अभी के लिए यह चर्चा का मुद्दा भी नहीं है. (bbc.com)


