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इरोड (तमिलनाडु), 5 जून। तमिलनाडु पुलिस ने नाबालिग लड़की से जबरन अंडाणु दान कराने के मामले में बांझपन का इलाज करने वाले दो नामी अस्पतालों को शनिवार को समन भेजा ।
पुलिस ने इस मामले में पीड़िता की मां सहित चार लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस ने चारों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
इस पूरे मामले की जांच की जिम्मेदारी जिले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को दी गई है।
पुलिस की टीम इरोड, सलेम और होसुर स्थित बांझपन का इलाज करने वाले अस्पतालों में गई और जांच की ।
पुलिस ने बताया कि 16 वर्षीय एक लड़की को ‘फर्टिलिटी क्लिनिक’ और अस्पतालों में अंडाणु दान करने के लिए मजबूर करने के आरोप में बृहस्पतिवार को तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया था।
उन्होंने बताया कि आरोपियों के खिलाफ पॉक्सो अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।
गौरतलब है कि यह मामला तब प्रकाश में आया जब लड़की तीनों आरोपियों की चंगुल से भाग गई और सलेम में रह रहे अपने रिश्तेदारों को आपबीती बताई।
इसके बाद मामले की शिकायत पुलिस के समक्ष दर्ज कराई गई। पीड़िता की मां इंद्राणी अपने प्रेमी सैयद अली के साथ रह रही थी। कहा जाता है कि गत चार साल में सैयद अली ने लड़की का कई बार यौन शोषण किया और उसे एजेंट मालती की मदद से अस्पताल को अंडाणु बेचने पर मजबूर किया।
फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नाबालिग लड़की को वयस्क बता उसका अंडाणु एक ‘फर्टिलिटी क्लिनिक’ को बेचने के मामले में शनिवार को 25 वर्षीय एक युवक को भी गिरफ्तार किया गया।
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार युवक जॉन यहां के सुरमपत्ती इलाके का रहने वाला है और उसने इरोड, सलेम और होसुर के कई ‘फर्टिलिटी क्लिनिक’ में लड़की का फर्जी जन्म प्रमाणपत्र और आधार जमा कराया था।
उन्होंने बताया कि आज आरोपी को चार घंटे की पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया गया।
पीड़िता को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और वह चिकित्सकों की निगरानी में है। (भाषा)


