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-दिलीप कुमार शर्मा
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने अपनी ही सरकार के श्रम और चाय जनजाति कल्याण मंत्री संजय किशन को प्रतिबंधित चरमपंथी संगठन उल्फा-आई के प्रमुख परेश बरुआ से माफी मांगने के लिए कारण बताओ नोटिस भेजा है.मुख्यमंत्री सरमा ने मंत्री संजय किशन से जवाब मांगा कि उन्होंने उल्फा-आई के प्रमुख से माफी क्यों मांगी?
दरअसल मंत्री की इस हरकत के कारण सरकार की काफी आलोचना हो रही है.असम में चार दशकों से सक्रिय चरमपंथी गुट उल्फा अपने कई शीर्ष नेताओं के शांति वार्ता में शामिल होने के बाद कमजोर पड़ गया था. लेकिन परेश बरुआ ने हाल ही में ऊपरी असम के कई युवाओं को संगठन में भर्ती किया है.
ऐसी स्थिति में पिछले कुछ दिनों से सरकार और उल्फा-आई के बीच एक दूसरे के खिलाफ काफी बयानबाजी हो रही थी. इसी क्रम में तिनसुकिया से बीजेपी विधायक और हिमंत बिस्वा सरमा की सरकार में मंत्री संजय किशन ने उल्फा-आई प्रमुख परेश बरुआ को कथित तौर पर झूठा कहा था.
इसके बाद उल्फा-आई ने चाय जनजाति समुदाय से आने वाले मंत्री संजय किशन को 24 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए माफी मांगने के लिए कहा,जिसके बाद मंत्री ने सार्वजनिक रूप से माफी मांग ली.
उल्फा-आई ने चेतावनी दी थी कि अगर मंत्री किशन ने 24 घंटे के भीतर माफी नहीं मांगी तो तिनसुकिया और डिब्रूगढ़ जिले में सार्वजनिक कार्यक्रमों से उनका "बहिष्कार" किया जाएगा.
इस माफी मांगने के संदर्भ में मंत्री ने मीडिया के समक्ष कहा था,"हमारे मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा असम में शांति स्थापित करने के लिए उल्फा-आई को बातचीत की मेज पर लाने के लिए माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं. मैं नहीं चाहता कि माहौल खराब हो. मैंने कुछ युवाओं के उल्फा में शामिल होने की बात कही थी और अगर मेरी टिप्पणी ने परेश बरुआ की भावना को किसी भी तरह से आहत किया है, तो मैं इसके लिए माफी मांगता हूं."
असम में बीजेपी सरकार के दूसरे कार्यकाल में मुख्यमंत्री बने हिमंत बिस्वा सरमा ने हाल ही में यह स्पष्ट किया था कि सरकार की तरफ से उल्फा-आई के खिलाफ कोई संघर्ष विराम नहीं किया गया है.हालांकि, मुख्यमंत्री ने कहा था कि सरकार उल्फा-आई की ओर से एकतरफा युद्धविराम की घोषणा को "उम्मीद की किरण" के रूप में देख रही है. (bbc.com)


