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राज्यसभा के लिए कांग्रेस में जोड़तोड़, स्थानीय को मौका देने की मांग उठी
19-May-2022 4:36 PM
राज्यसभा के लिए कांग्रेस में जोड़तोड़, स्थानीय को मौका देने की मांग उठी

  दो विधायकों की सोनिया से मंत्रणा भी   
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 19 मई।
प्रदेश की राज्यसभा की दो सीट के लिए चुनाव की हलचल तेज हो गई है। चर्चा है कि कांग्रेस पिछड़ा वर्ग, और एक सीट पर सामान्य वर्ग से प्रत्याशी तय कर सकती है। यही नहीं, अगले साल चुनाव का हवाला देकर दोनों ही सीट से स्थानीय को मौका देने पर जोर दिया जा रहा है।

राज्यसभा की दोनों सीट के लिए नामांकन दाखिले की प्रक्रिया 24 तारीख से शुरू होगी, और 29 मई तक नामांकन दाखिल किए जा सकेंगे। विधानसभा सदस्यों की संख्या बल के हिसाब से दोनों ही सीट कांग्रेस की झोली में जाना निश्चित है। ऐसे में राज्यसभा में जाने के लिए प्रदेश के कई नेता जोर लगा रहे हैं। पार्टी के कई राष्ट्रीय नेताओं की निगाह भी लगी है, और वो भी यहां से राज्यसभा में जाने की संभावनाएं टटोल रहे हैं।

कहा जा रहा है कि प्रदेश अध्यक्ष, और राज्यसभा में आदिवासी महिला फूलोदेवी नेताम के होने की वजह से इस वर्ग से प्रत्याशी तय होने की उम्मीद कम है। इसी तरह मंत्रियों में अनुसूचित जाति वर्ग के दो कैबिनेट मंत्री है। जबकि पिछड़ा वर्ग में सबसे ज्यादा आबादी वाले साहू समाज से सिर्फ एक ही मंत्री हैं। हालांकि अनुसूचित जाति वर्ग से कई नेताओं के नाम चल रहे हैं। पूर्व सांसद पीआर खूटे ने तो पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी को चिट्ठी लिखकर अपनी दावेदारी ठोकी है।

इधर, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत भी राज्यसभा में जाने की इच्छा जता चुके हैं। चर्चा है कि सीएम भूपेश बघेल और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. महंत के पिछड़ा वर्ग से होने के बाद भी कम से कम एक सीट से इस वर्ग से प्रत्याशी तय किया जा सकता है। पिछड़ा वर्ग से गिरीश देवांगन, विपिन साहू, पूर्व विधायक लेखराम साहू सहित कई नाम चर्चा में हैं। सामान्य वर्ग से रामगोपाल अग्रवाल, शैलेष नितिन त्रिवेदी, राजेंद्र तिवारी सहित कई नाम उभरकर सामने आए हैं।

दूसरी तरफ, पार्टी के कई राष्ट्रीय नेता भी छत्तीसगढ़ से राज्यसभा में जाने के लिए प्रयासरत हैं। इनमें खुद प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया के अलावा मुकुल वासनिक, राजीव शुक्ला, के राजू, विवेक तन्खा भी यहां के राज्यसभा में जाने के लिए जोर आजमाईश कर रहे हैं। इससे परे, छत्तीसगढ़ के कुछ नेताओं ने दिल्ली में पार्टी हाईकमान तक यह बात पहुंचाई है कि अगले साल विधानसभा चुनाव को देखते हुए दोनों ही सीट से स्थानीय नेताओं को ही भेजा जाए। इसी कड़ी में पार्टी के दो सीनियर विधायकों ने पिछले दिनों दिल्ली में सोनिया गांधी से अलग-अलग मुलाकात की है। चर्चा है कि दोनों विधायकों ने राज्यसभा प्रत्याशी को लेकर भी अपनी राय दी है।

यह भी तर्क दिया गया है कि केटीएस तुलसी पहले ही छत्तीसगढ़ से राज्यसभा सदस्य हैं। मगर इन नेताओं की बात पर पार्टी कितना गौर करेगी, यह तय नहीं है। वैसे भी सीएम भूपेश बघेल कह चुके हैं कि राज्यसभा टिकट का फैसला हाईकमान करेगा। बहरहाल, राज्यसभा टिकट को लेकर अगले कुछ दिनों तक प्रदेश कांग्रेस में सरगर्मी बनी रहेगी।

 

 

 


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