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‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 29 अप्रैल । हसदेव अरण्य में परसा कोयला खदान आबंटन से पहले पेड़ों की कटाई के मामले पर राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) ने सरकार को जवाब तलब किया है। प्राधिकरण ने कोयला खदान के आबंटन, और पेड़ों की कटाई पर रिपोर्ट मांगी है।
यह बताया गया कि हसदेव अरण्य परसा कोयला खदान के आबंटन से पहले सरकार ने एनटीसीए, और एनबीडब्ल्यूएल को जानकारी तक नहीं दी थी। जबकि दोनों संस्थाओं की सहमति जरूरी है। इस पूरे मामले में एनटीसीए ने प्रधान मुख्य वन संरक्षक(वन्य प्राणी) को चिट्ठी लिखी है, और पूरी जानकारी बुलाई है।
हाईकोर्ट ने भी पेड़ों की कटाई पर कड़ा रूख अपनाया है, और इस पर राज्य सरकार से रिपोर्ट तलब किया है।
यह कहा गया कि हस्तगत मामले में राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम के नाम पर भूमि अधिग्रहण कर अडानी की स्वामित्व वाली कंपनी राजस्थान कॉलरी को भूमि सौपी जा रही है। यह स्वयं कोल बेयरिंग एक्ट के प्रावधानों एवं सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिये गये कोल ब्लॉक जजमेंट के विरूद्ध है। अत: परसा कोल ब्लॉक से संबंधित कोई भी कार्य आगे नहीं बढ़ाया जा सकता। इस कारण पेड़ो की कटाई पर भी तुरंत रोक लगनी चाहिये।


