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हटाने के साथ-साथ चौपाटी में सालभर व्यवसाय सुचारू चले, इसकी व्यवस्था करने का आदेश
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बिलासपुर, 26 अप्रैल। सुप्रीम कोर्ट ने सिटी कोतवाली के सामने से हटाए जा रहे गुमटी व्यवसायियों के लिए चौपाटी में वैकल्पिक स्थान देने का आदेश नगर निगम को दिया है।
सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस केएम जोसेफ और जस्टिस ऋषिकेश राय की डिवीजन बेंच ने प्रभावित व्यवसायियों की ओर से लगाई गई विशेष हस्तक्षेप याचिका पर यह आदेश दिया।
उल्लेखनीय है कि लगभग 30 वर्ष पहले स्टेप अप योजना के तहत सिटी कोतवाली थाने के सामने व्यवसायियों को गुमटियां प्रदान की गई थीं। नगर निगम ने इन्हें कुछ समय पहले अतिक्रमण बता कर बेदखल करने की कार्रवाई शुरू कर दी थी। इस कार्रवाई पर रोक लगाने के लिए दायर याचिका में कहा गया था कि शासन की योजना के तहत आवंटित स्थान से व्यवसायियों को बेदखल किया जाना अवैध है। फरवरी माह की सुनवाई में नगर निगम ने बताया था कि व्यवसायियों को अरपा नदी के किनारे चौपाटी में व्यवसाय करने के लिए जगह दी जाएगी। इस पर कोर्ट में शपथ पत्र के साथ नगर निगम को जानकारी देने कहा था कि चौपाटी स्थित प्रस्तावित भूमि मुख्य मार्ग से कितनी दूर पर है, क्या वहां पर गुमटी स्थानांतरित करने से व्यवसायी 12 महीने अपना जीवन यापन सुनिश्चित कर सकेंगे और क्या भविष्य की विकास योजनाओं से बाधा तो नहीं पहुंचेगी?
सुप्रीम कोर्ट में छत्तीसगढ़ सरकार और नगर निगम ने जवाब पेश करके बताया कि गुमटी व्यवसायियों को व्यवसाय करने के लिए उपयुक्त जगह दी जाएगी। उनके लिए ऐसा स्थान तय किया जा रहा है जहां पर वे नियमित रूप से व्यवसाय कर सकेंगे और जल्द ही इसकी व्यवस्था की जाएगी।
शासन व नगर निगम का जवाब आने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने शपथ पत्र के अनुसार व्यवस्था करने का आदेश देकर याचिका को निराकृत कर दिया।


