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‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 24 अप्रैल। राज्य प्रशासनिक सेवा के 7 अफसरों को भारतीय प्रशासनिक सेवा में पदोन्नति की प्रक्रिया पूरी हो गई है। इस सिलसिले में फरवरी में डीपीसी के बाद सीएम की मुहर लगने के बाद फाइल डीओपीटी को भेज दी गई है। बताया गया कि वर्ष-2005 बैच के अफसरों को पदोन्नति दी गई है। विधिवत आदेश जल्द जारी होने की उम्मीद है।
सूत्र बताते हैं कि जिन अफसरों को भारतीय प्रशासनिक सेवा के रिक्त पद के लिए पदोन्नति दी गई है, उनमें पदमिनी भोई, संजय कन्नौजे, बीएस उइके, लीना मंडावी, संतनदेवी जांगड़े, अरविंद एक्का, और एक अन्य है। इनमें से पदमनी भोई वर्ष-2003 बैच की है। बाकी सभी वर्ष-2005 बैच के अफसर हैं।
बताया गया कि फरवरी में पदोन्नति के लिए डीपीसी हुई थी। 7 पदों के लिए करीब 21 नामों पर मंथन हुआ था। पदोन्नति के लिए आयोजित बैठक में यूपीएससी सदस्य आरएन चौबे और डीओपीटी द्वारा नामित केंद्रीय संयुक्त सचिव मनीष गर्ग शामिल थे। मुख्य सचिव अमिताभ जैन, एसीएस सुब्रत साहू और प्रस्तुतकर्ता अधिकारी के रूप में डॉ. कमलप्रीत सिंह मौजूद थे। अब आदेश जल्द जारी होने की उम्मीद है।
उल्लेखनीय है कि वर्ष-2003 बैच के अफसरों की पदोन्नति को लेकर विवाद अभी सुलझा नहीं है। इस बैच के अफसरों को आईएएस अवार्ड तो हो गया है, लेकिन इन अफसरों की नियुक्ति में गड़बड़ी का मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। खास बात यह है कि बिलासपुर हाईकोर्ट ने इस बैच की नियुक्ति में गड़बड़ी को माना था। बाद में हाईकोर्ट के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट में रोक लग गई।


