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इधर सांसद सोनी का उलट बयान-रद्द ट्रेनें चालू होंगी
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बिलासपुर, 23 अप्रैल। प्रदेश सरकार के सीधे विरोध और छत्तीसगढ़ के लाखों रेल यात्रियों को हो रही असुविधा की परवाह किए बगैर पिछले एक माह से एक दर्जन ट्रेनों को बंद करने के बाद अब रेलवे ने फिर 22 ट्रेनों का परिचालन लंबे अंतराल के लिए बंद करने का आदेश निकाल दिया है।
रेलवे की ओर से जारी सूचना के मुताबिक कोरबा से अमृतसर चलने वाली छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस 24 अप्रैल से 23 मई तक दोनों ओर के लिए बंद कर दी गई है। रायपुर सिकंदराबाद के बीच चलने वाली ट्राई वीकली ट्रेन 25 अप्रैल से 21 मई तक दोनों और के लिए निरस्त की गई है। भुवनेश्वर से लोकमान्य तिलक टर्मिनस के लिए चलने वाली सुपर फास्ट एक्सप्रेस 25 अप्रैल से 21 मई तक दोनों ओर निरस्त रहेगी।
पुरी से लोकमान्य तिलक के लिए चलने वाली साप्ताहिक ट्रेन 26 अप्रैल से 19 मई तक दोनों ओर निरस्त की गई है।
हटिया और लोकमान्य तिलक टर्मिनस के बीच चलने वाली बाई वीकली एक्सप्रेस ट्रेन 29 अप्रैल से 21 मई तक रद्द की गई है।
विशाखापट्टनम से लोकमान्य तिलक टर्मिनस के बीच चलने वाली साप्ताहिक एक्सप्रेस भी एक मई से 24 मई तक दोनों और निरस्त रहेगी।
बिलासपुर से भगत की कोठी के बीच चलने वाली एक्सप्रेस 25 अप्रैल से 21 मई तक रद्द की गई है। बीकानेर और बिलासपुर के बीच चलने वाली बाई वीकली एक्सप्रेस ट्रेन की 28 अप्रैल से 24 मई तक निरस्त की गई है।
सप्ताह में 5 दिन विशाखापट्टनम और हजरत निजामुद्दीन के बीच चलने वाली एक्सप्रेस ट्रेन 26 अप्रैल से 24 मई तक दोनों ओर निरस्त की गई है।
इन सुपरफास्ट एक्सप्रेस ट्रेनों के अलावा जोन से चलने वाली मेमू ट्रेन भी 1 माह के लिए निरस्त किए गए हैं, जिनमें गोंदिया से झारसुगुड़ा और रायपुर तथा डोऺगरगढ़ के बीच चलने वाली दोनों और की ट्रेन शामिल हैं।
उल्लेखनीय है कि बीते एक अप्रैल से रायपुर बिलासपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, रायगढ़, कोरबा जैसे प्रमुख शहरों से गुजरने वाली करीब एक दर्जन ट्रेनों को 1 महीने से भी अधिक समय के लिए रद्द रखा गया है। इससे छत्तीसगढ़ के तथा यहां आने वाले यात्रियों को भारी परेशानी हो रही है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए रेलवे की मनमानी की कड़ी आलोचना की थी और इसे जनविरोधी निर्णय बताया था। इसके बाद अतिरिक्त मुख्य सचिव सुब्रत साहू ने रेल मंत्रालय को पत्र लिखकर उक्त आदेश को वापस लेने की मांग भी की थी। इस पर रेलवे ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी और ट्रेनों को रद्द करने का निर्णय नहीं बदला। दूसरी तरफ आज एक नया आदेश जारी कर 22 ट्रेनों को अगले एक महीने तक रद्द कर दिया गया है।
इधर सांसद सोनी का उलट बयान
छत्तीसगढ़ के ज्यादातर भाजपा सांसदों ने ट्रेनों को रद्द करने से हो रही परेशानी के मुद्दे पर चुप्पी साधी हुई है पर कल रायपुर के सांसद सुनील सोनी ने इस बारे में प्रतिक्रिया दी जो रेलवे के ताजा फैसले के बिल्कुल विपरीत किया गया दावा है। सोनी ने कहा था कि उन्होंने ट्रेनों को रद्द करने की वजह से लोगों को हो रही परेशानी पर रेल मंत्री से बात की है उन्होंने रद्द ट्रेनों को जल्द शुरू करने और कोविड-19 के कारण स्पेशल के रूप में चलाई जा रही ट्रेनों को सामान्य तरीके से चलाने के लिए आश्वस्त किया है। अप्रैल महीना बीतने जा रहा है लेकिन 1 अप्रैल से 1 महीने के लिए बंद की गई ट्रेनों को अब तक शुरू तो किया ही नहीं गया है दूसरी और 22 और ट्रेनों को जिनमें अधिकांश सुपरफास्ट एक्सप्रेस और एक्सप्रेस ट्रेनें हैं रद्द कर दिया गया है। इससे स्पष्ट है कि संसद सोनी के प्रयास के बावजूद रेल मंत्रालय पर कोई असर नहीं पड़ा।


