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गुजरात के जामनगर में पारंपरिक दवाओं के डब्ल्यूएओ ग्लोबल सेंटर फॉर ट्रेडिशनल मेडिसिन के शिलान्यास के दौरान डब्ल्यूएचओ प्रमुख टेड्रोस एडहनॉम गिब्रेयेसस ने कहा कि यह सही में एक ग्लोबल प्रोजेक्ट है. इसका मतलब ये है कि भारत दुनिया तक पहुंचेगा और पूरी दुनिया भारत आएगी.
उन्होंने कहा '' ग्लोबल सेंटर फॉर ट्रेडिशनल मेडिसिन संयोग नहीं है. मेरे भारतीय शिक्षकों ने मुझे पारंपरिक दवाओं के बारे में काफी अच्छे तरीके से बताया है और मैं उनका बहुत आभारी हूं. मेरा भारत से खास रिश्ता रहा है. मैंने भारत से पारंपरिक दवाओं के बारे में सीखा है. ''
डब्ल्यूएचओ चीफ ने इसमें 25 करोड़ डॉलर निवेश करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की. उन्होंने कहा कि पहले दिन से ही मोदी इस प्रोजेक्ट को लेकर प्रतिबद्ध दिखे.
इस मौके पर नेपाल के प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा ने भारत सरकार और डब्ल्यूएचओ को बधाई देते हुए कहा कि नेपाल और भारत में पारंपरिक दवाओं के लिए जरूरी जैव विविधता मौजूद है.
बांग्लादेश की पीएम शेख़ हसीना ने कहा कि पारंपरिक चिकित्सा का ये केंद्र प्रमाण आधारित अनुसंधान और पारंपरिक चिकित्सा के मानकों के लिए वैश्विक केंद्र बनेगा.
मॉरीशस के पीएम प्रविंद कुमार जगन्नाथ ने कहा कि ये केंद्र सस्ती पारंपरिक दवाओं के इस्तेमाल, मानकों और नियामक ढांचे बनाने के लिए प्रमाण और डेटा संकलित करेगा.
डब्ल्यूटीओ प्रमुख ने नवंबर 2020 में भारत में इस सेंटर की स्थापना का ऐलान किया था. भारत इसके लिए 25 करोड़ डॉलर का निवेश कर रहा है. (bbc.com)


