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छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 7 अप्रैल। वित्त सचिव डी. अलरमेलमंगई ने बुधवार को पुरानी पेंशन स्कीम (ओपीएस) लागू करने का पूरा खाका तैयार कर लिया है। खैरागढ़ चुनाव के बाद सीएम भूपेश बघेल से चर्चा के बाद पॉलिसी जारी कर दी जाएगी। वित्त सचिव को भी ओपीएस को लेकर राजस्थान की नीति ने प्रभावित किया है।
डी. अलरमेलमंगई ने इस स्कीम के अध्ययन के लिए जयपुर गए वित्त अफसरों के साथ बुधवार को दो घंटे तक चर्चा की। इसमें अपर संचालक के एल रवि, श्रीमती किरण जे नागेश संयुक्त संचालक, पूजा शुक्ला व ऋषभ पराशर उपसचिव शामिल हैं। इस चर्चा में आए तथ्यों को शामिल करने के लिए वित्त सचिव ने पॉलिसी का प्रारूप तैयार किया है। जिसे वे अब मुख्यमंत्री को ब्रीफ करेंगे।
बैठक में शामिल एक अफसर के मुताबिक राजस्थान में ओपीएस की सभी बेस्ट प्रैक्टिसेस पर चर्चा हुई। समझा जा रहा है कि राजस्थान की तरह छत्तीसगढ़ में भी ओपीएस एक अप्रैल 2022 से लागू किया जा सकता है। लाभ 2004 के बाद नियुक्त अधिकारी-कर्मचारियों को मिलेगा। इनकी संख्या करीब 3.50 लाख है। यह भी चर्चा में आया कि क्या 04 के बाद रिटायर लोगों को भी ओपीएस का लाभ दें या नहीं ? क्योंकि इन लोगों को एनपीएस के तहत पेंशन व अन्य भत्ते मिल रहे हैं।
यह भी चर्चा में आया कि ओपीएस के संचालन के लिए वित्त विभाग में ही पृथक पेंशन सेल बनाया जाए या संचालक कोष लेखा पेंशन को बांटकर संचालक पेंशन का पृथक सेटअप स्थापित किया जाए। इस दौरान पृथक सेटअप पर सहमति बनने की खबर है। ताकि पेंशनरों को सुगमतापूर्वक भुगतान व मामलों का निराकरण हो सके।
एनपीएस के लिए कटौती बंद होगी
सूत्रों के मुताबिक 2004 के बाद से लागू एनपीएस के लिए हर माह होने वाली कटौती इसी माह से बंद की जा सकती है। इसके लिए वित्त विभाग एक-दो दिन में आदेश जारी कर देगा। इस योजना में 2004 के बाद से एनएसडीएल ने जमा राज्य के 12 हजार करोड़ वापस लिए जाएंगे। यह अंशदान सरकार व कर्मचारी दोनों का है। कटौती बंद होने से अब हर माह 110 करोड़ रुपये बचेंगे।
सीजीएचएस का भी गठन संभव
सूत्रों ने बताया कि राजस्थान की तरह छत्तीसगढ़ में भी राज्य शासन स्वास्थ्य योजना (सीजीएचएस) लागू की जा सकती है। ऐसी ही योजना केंद्रीय कर्मियों के लिए भी लागू है। इसमें हर माह हर कर्मचारी का अंशदान लिया जाएगा। और उसे जीवन पर्यन्त नि:शुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। हालांकि इस पर अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। क्योंकि इसमें एक बड़ी राशि खर्च होनी है। इस पर सीएम बघेल से चर्चा के बाद ही निर्णय होगा।


