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भाजपा नेताओं की जनहित याचिका पर चीफ जस्टिस की डीबी में हुई सुनवाई
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बिलासपुर, 26 मार्च। शराब पर कोरोना टैक्स लगाये जाने और इसकी राशि दूसरे मद में खर्च किये के खिलाफ दायर भाजपा नेताओं की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने सरकार से तीन सप्ताह के भीतर जवाब मांगा है।
हाईकोर्ट में भाजपा के विधायक व पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर, बृजमोहन अग्रवाल, विधायक शिवरतन शर्मा और नारायण चंदेल की याचिका पर चीफ जस्टिस अरुप कुमार गोस्वामी की डबल बेंच में सुनवाई हुई। इसमें कहा गया है कि 2 मई 2020 से राज्य सरकार शराब पर 10 प्रतिशत कोरोना टैक्स वसूल रही है। इसका न तो कोरोना की अधोसंरचना में खर्च किया गया है, न ही इसे स्वास्थ्य विभाग को सौंपा गया। इस मद में अब 658 करोड़ रुपये वसूल किये गये, जिनमें से 400 करोड़ रुपये दूसरे मदों में खर्च कर दिया गया। नियमानुसार जिस काम के लिये अतिरिक्त टैक्स वसूल की जा रही है, राशि उस पर ही खर्च की जानी चाहिये।
शुक्रवार को सुनवाई के दौरान शासन की ओर से जवाब दिया गया कि यह याचिका राजनीतिक कारणों से लगाई गई है, इसलिये चलने योग्य नहीं है, खारिज कर देना चाहिये।
कोर्ट ने इस दलील पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि टैक्स के रूप में जनता से राशि ली गई है, इसलिये उन्हें जानने का हक है कि उसे किस मद में खर्च किया जा रहा है। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 20 अप्रैल को तय की है।


