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हम गरीब हैं तो क्या, समाज में हमारी भी इज्जत है, विभाग बदलते रहे अपनी तारीख, बिटिया की शादी हमने शुरू कर दी है
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
महासमुंद, 24 मार्च। मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत आज 200 जोड़ों का सामूहिक विवाह कार्यक्रम आयोजित था। तय कार्यक्रम के अनुसार योजना का लाभ लेने वालों ने परिजनों को शादी का कार्ड भेजा और परिजन शादी में शामिल होने पहुंच भी गए, लेकिन महासमुंद के एक लाभार्थी के घर 23 मार्च की शाम आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पहुंची और कहा किशादी की तारीख बदल गई है। गुस्साए पिता ने इस बार अपनी बेटी की शादी निरस्त नहीं की बल्कि चूलमाटी, हल्दी तेल की रस्म पूरी की और आज बारात आने वाली है।
युुवती के पिता पुराना रावणभांठा निवासी महेश धीवर का कहना है कि हम गरीब हैं तो क्या, समाज में हमारी भी इज्जत है। विभाग बदलते रहे अपनी तारीख, बिटिया की शादी हमने शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के बताए अनुसार शादी की तैयारी की थी। मेहमानों रिश्तेदारों को न्यौता दिया था। खबर पाकर सभी आ भी गए हैं। ऐसे में शादी की तारीख बिल्कुल नहीं बदलेंगे, बिटिया को तेल हल्दी चढ़ाया जाने लगा है। चूलमाटी की रस्म निभा ली गई है और आज दूल्हा भी बारात लेकर आने वाला है।
युवती के पिता का कहना है कि कल चूलमाटी के दिन शाम चार बजे आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने आकर कहा कि शादी 24 मार्च को नहीं, 10 अप्रैल को होगी। उन्होंने कहा कि हमारी बिटिया क्या कोई खिलौना है। तालाब में मछली मारकर और उसे बेचकर हम अपने बच्चों के साथ जीवन जीते हैं। एक जोड़े में ही सही, बिटिया का विवाह कर सकते हैं। पिता ने मुख्यमंत्री से मनमर्जी चलाने वालों की खबर लेने की अपील की। समय व तिथि भी बताई जा रही थी, लेकिन बार-बार बदलाव के कारण परिजन गुस्से में हैं। ॉ
इस तरह मुुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत कार्यक्रम में हो रही लेटलतीफ ी को देखते हुए एक परिवार अपनी बेटी की शादी पूर्व निर्धारित समय पर ही कर रहा है। जानकारी के मुताबिक आज 24 मार्च को कन्या विवाह की प्लानिंग विभाग ने की थी।
इस मामले में महिला बाल विकास अधिकारी समीर पांडे का कहना है कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत 200 जोड़ों का विवाह आज करना था। इसके लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने पंजीयन कर लिया है, लेकिन विधानसभा के कारण तिथि निर्धारित नहीं हो पा रही है। उन्होंने कहा कि हमने सभी को कहा है कि जिसको जल्दी है वे विवाह सामाजिक स्तर पर कर सकते हैं, लेकिन सूची में जिनका नाम है, उन्हें इसका लाभ जरूर मिलेगाा।


