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‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बिलासपुर, 24 मार्च। मरवाही वन मंडल के परासी गांव में एक महिला को आज सुबह दंतैल हाथी ने पटक कर मार डाला। बीते 5 दिनों के भीतर यह दूसरा मामला है जब हाथियों के हमले से लोगों की जान गई है।
मरवाही वन मंडल क्षेत्र में पिछले फरवरी महीने से हाथियों का झुंड घूम रहा है। इनकी संख्या 40 से अधिक है। इनमें से 18 हाथी अचानकमार अभयारण्य में भी प्रवेश कर गए हैं।
मरवाही मंडल के परासी गांव में एक प्रौढ़ महिला पास के रामवन जंगल में महुआ बीनने के लिए गई थी। हाथी ने उसे पटककर मार डाला, मौके पर ही उसकी मौत हो गई। घटना में महिला का पोता भी बुरी तरह घायल है, जिसे मरवाही के स्वास्थ्य केंद्र में इलाज के लिये लाया गया है। घटना सुबह 5 बजे की बताई गई है।
मरवाही मंडल के ही रुमगा गांव की एक 8 साल की बच्ची पर दो हाथियों ने बीते 20 मार्च को हमला कर दिया। वह अपने परिवार के साथ महुआ बीनने के लिये जंगल गई थी। बच्ची की भी मौके पर ही मौत हो गई थी।
मरवाही के जंगलों में पहले भालू के विचरण के कारण ग्रामीण दहशत में रहते थे। पर अब उससे भी बड़ी समस्या हाथियों की हो गई है। इनका झुंड लगातार इस क्षेत्र में विचरण कर रहा है, जिससे ग्रामीणों की फसल, खाद्यान्न और झोपड़ियों को नुकसान हो रहा है। इधर अचानकमार टाइगर क्षेत्र में भी खतरा मंडरा रहा है।
मरवाही के विधायक के के ध्रुव ने हाथियों की बढ़ती आमद और क्षेत्र के लोगों पर हो रहे हमले से बचाव के लिए विधानसभा के बीते सत्र में सवाल उठाया था। पर उन्हें संतोषजनक उत्तर नहीं मिला।


