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दोपहर से शराब दुकानों में शौकीनों की भीड़, होली के एक दिन पहले रिकार्ड तीन करोड़ से ज्यादा की बिक्री
17-Mar-2022 2:40 PM
 दोपहर से शराब दुकानों में शौकीनों की भीड़, होली के एक दिन पहले रिकार्ड तीन करोड़ से ज्यादा की बिक्री

भीड़ की वजह से यातायात व्यवस्था चौपट

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 17 मार्च।
होली के एक दिन पहले शराब दुकानों में रिकार्ड बिक्री हुई। दिनभर के कोटे में ही शौकीन तीन करोड़ की शराब ले गए। इधर बेहिसाब भीड़ ने मुख्य सडक़ों पर यातायात व्यवस्था चौपट कर दिया। खासकर से फाफाडीह, तेलीबांधा, एमजी रोड, लाखे नगर, कटोरा तालाब, पंडरी, पुलिस लाइन गेट के पास मौजूद दुकानों में दोपहर 12 बजे के बाद मुख्य सडक़ पर बेतरतीब गाडिय़ों ने आम राहगीरों के लिए मुसीबत बढ़ा दी। आबकारी से जुड़े एक करीबी सूत्र ने बताया कि होली के ठीक एक दिन पहले शाम तक में ही शराब बिक्री का आकड़ा तीन करोड़ रुपये से भी ज्यादा का रहा। अफसर ने बताया इस बार होली में टारगेट सात से आठ करोड़ रुपये शराब बिक्री का है। ऐसे में सभी दुकानों में स्टाक का सप्लाई कर दिया गया है। एक हफ्ते पहले ही स्टॉक टेकिंग के लिए कर्मचारियों को लगा दिया गया था। प्लेसमेंट एजेंसी की तरफ से भी दुकानों में कर्मचारियों की संख्या बढ़ाई गई। होली के पहले शराब की दुकानों में बीयर का शौक रखने वाले परेशान दिखे। ज्यादातर दुकानों में फ्रीज खराब होने की वजह से शौकीनों को गर्म बीयर से काम चलाना पड़ा। शराब दुकानों में पुराने समय में खरीदे गए फ्रीजर से ही काम चलाना पड़ रहा है। जबकि पूरी कीमत देकर भी शौकीनों को ठंडे बीयर का लाभ नहीं मिल रहा। पिछले साल की तुलना में इस बार शराब की बंपर बिक्री है। लॉक डाउन और मंदी के असर के चलते पिछले साल शराब बिक्री का ग्राफ लुढक़ा था। कोविड संक्रमण के चलते भी लोगों ने दूरियां बढ़ा रखी थी। औद्योगिक क्षेत्र में फिर से काम शुरू होने के बाद लेबर क्लास से भी अब शौकीनों की भीड़ शराब दुकानों तक पहुंची है। ऐसे में उरला, धरसींवा, सिलतरा और हीरापुर क्षेत्र में भी अच्छी खासी भीड़ रही। गोंदवारा और टाटीबंध स्थित शराब दुकानों में दोपहर के बाद स्टॉक की डिमांड पूरी करते कर्मचारी परेशान रहे।

नहीं दिखी पुलिस, यातायात बदहाल
शराब दुकानों के बाहर वालेंटियर्स या फिर पुलिस जवान नहीं दिखे ऐसे में होली के एक दिन पहले यातायात व्यवस्था गड़बड़ाई। तेलीबांधा की ओर टर्न में ही दिनभर में हजारों लोग फंसे। रांग साइड से निकलने वालों के साथ में ही शराब लेने वाली गाडिय़ों के जमघट की वजह से आफत बढ़ी।

चखना वालों की परिसर में चांदी
शराब दुकानों में शौकीनों की भीड़ बढऩे के साथ चखना बेचने वालों की भी होड़ मच गई है। आबकारी के द्वारा अवैध अहाता बंद कराने के बाद कुर्सी टेबल लेकर शराब दुकानों के पास चना मुर्रा बेचने के साथ ग्लास डिस्पोजल वाले भी बड़ी संख्या में चाल बनाया है। त्योहार के ठीक एक दिन पहले शराब दुकान कैंपस में ही चखना बेचने वालों ने जमके कमाई की।
 


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