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'छत्तीसगढ़' संवाददाता
बिलासपुर, 9 मार्च। एडिशनल एसपी और इस समय राजनांदगांव के पीटीएस में कमांडेंट के पद पर तैनात इरफान उल रहीम खान की पत्नी फरहा खान को आखिर 6 साल लंबी लड़ाई के बाद हाईकोर्ट से न्याय मिल गया। कोर्ट ने आदेश दिया है कि बच्चे अपनी मां के पास रहेंगे।
जरहाभाठा की फरहा खान का विवाह पीटीएस कमांडेन्ट इरफान खान से हुआ है। उनके दो जुड़वा बच्चे हैं। दोनों के बीच विवाद होने के बाद इरफान बच्चों को अपने साथ लेकर चला गया। पत्नी फरहा खान ने बार-बार प्रयास किया कि बच्चे छोटे हैं, अतः उनके पालन-पोषण का अधिकार उसे मिले। थक-हारकर उन्होंने सन् 2016 में निचली कोर्ट में याचिका दायर की। वहां सुलह नहीं होने पर सन् 2019 में उनका विवाद हाईकोर्ट पहुंचा। फरहा खान की ओर से अधिवक्ता इंदिरा त्रिपाठी ने पैरवी की। सुनवाई पूरी होने के बाद हाईकोर्ट में जस्टिस गौतम भादुड़ी व जस्टिस रजनी दुबे की बेंच ने फैसला सुनाया है कि दोनों बच्चे मां के पास रहेंगे। पिता त्यौहार आदि के खास मौके पर आकर उसके साथ मिल सकते हैं और परिवार के साथ घूम सकते हैं। इसके अलावा बच्चों से माह में एक बार अपनी पत्नी के पास जाकर मिल सकते हैं। उन्हें बीच-बीच में फोन कर हाल-चाल जानने की भी छूट रहेगी।
अधिवक्ता त्रिपाठी का कहना है कि उनके मुवक्किल के पति काफी अमीर हैं और ताकतवर भी। ऐसे में उनके विरुद्ध लड़ाई लड़ना आसान नहीं था। हाईकोर्ट ने एक मां की तकलीफ को समझा और बच्चों को उनके हवाले करने का अधिकार दिया, इसके लिये वे शुक्रगुजार हैं।


