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रूस के हमले के बीच भारत ने यूक्रेन से 470 छात्रों को निकाला
26-Feb-2022 10:10 AM
रूस के हमले के बीच भारत ने यूक्रेन से 470 छात्रों को निकाला

इमेज स्रोत,TWITTER/@INDIAINUKRAINE


 

यूक्रेन पर रूस के हमले के बीच भारत सरकार अपने नागरिकों को यूक्रेन से बाहर निकालने में जुटी हुई है. इस अभियान के तहत 470 भारतीय छात्रों का पहला जत्था यूक्रेन से बाहर निकलकर रोमानिया की सीमा में पहुंच चुका है.

अंग्रेज़ी अख़बार द हिंदू ने इस ख़बर को प्रमुखता से जगह दी है. कीएव में भारत के दूतावास की तरफ़ से बताया गया है कि भारतीय नागरिकों को यूक्रेन से सुरक्षित निकालने की ये प्रक्रिया रोमानिया, हंगरी और पोलैंड के भारतीय दूतावासों के संयुक्त प्रयासों से की जा रही है.

भारतीय छात्रों को पोलैंड में प्रवेश की अनुमति मिल सके इसलिए पोलैंड-यूक्रेन सीमा पर भी तैयारियां तेज़ कर दी गई हैं.

गौरतलब है कि यूक्रेन पर रूस के हमले के बीच रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फ़ोन पर बातचीत हुई है.

इधर रूसी सेना तेज़ी से यूक्रेन के अलग-अलग शहरों में घुस रही है. यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने चेतावनी जारी करते हुए कहा कि आने वाले कुछ घंटों में रूस, राजधानी कीएव पर हमला कर देगा.

अंग्रेज़ी अख़बार इंडियन एक्सप्रेस ने यूक्रेन पर रूस के हमले को लेकर कांग्रेस के रुख़ को जगह दी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और व्लादिमीर पुतिन की बातचीत के बाद भारत सरकार के स्टैंड को लेकर कांग्रेस से दो तरह के विचार सामने आए हैं. एक पक्ष का कहना है कि सरकार को संतुलन बनाए रखना चाहिए तो दूसरा पक्ष ये कह रहा है कि रूस की कार्रवाई की निंदा होनी चाहिए.

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व विदेश राज्य मंत्री आनंद शर्मा ने सरकार द्वारा उठाए कदमों पर ही ज़ोर दिया है. वहीं कांग्रेस के ही दूसरे वरिष्ठ नेता मनीष तिवारी का तर्क है कि सरकार को इस मामले में स्पष्ट रुख़ रखना चाहिए और रूस को बताना चाहिए कि ये हमला ग़लत है.

कांग्रेस सांसद शशि थरूर का कहना है कि भारत को रूस की कार्रवाई की निंदा करनी चाहिए, क्योंकि ये अंतरराष्ट्रीय नियमों और यूएन चार्टर का उल्लंघन है. (bbc.com)


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