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बिलासपुर, 23 फरवरी। बैंकिंग से जुड़ी समस्याएं भी स्थानीय स्तर पर गठित जनोपयोगी लोक अदालत के जरिये सुलझाई जा सकती हैं। बिलासपुर में इस अदालत ने खातेदारों के पक्ष में फैसला सुनाया है।
पूर्णिमा पाण्डेय, कल्पना दुबे एवं अनीश पाण्डेय का बिलासपुर नागरिक सहकारी बैंक लिमिटेड, बृहस्पति बाजार में एक बचत खाता है, जिसमें लॉकर का भी संचालन किया जाता है। आवेदकों के बैंक खाते में काफी बड़ी रकम जमा थी तथा लॉकर में पुत्री के विवाह के गहने इत्यादि रखे थे। कुछ दिन पूर्व बैंक के एक कर्मचारी ने उसके खाते का उपयोग करते हुए अनाधिकृत ट्रांजेक्शन किया। दूसरी ओर खाते का अनाधिकृत उपयोग किये जाने के कारण आवेदकों के खाते एवं लॉकर के ट्रांजेक्शन पर ही बैंक ने बिना किसी आधार के रोक लगा दी। इधर उनके यहां लड़की का विवाह तय हो गया। वे खाते में जमा रकम एवं लॉकर में रखे जेवरों के लिए बैंक के चक्कर लगा रहे थे। थक-हारकर उन्होंने बैंक के खिलाफ स्थायी जनोपयोगी लोक अदालत, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में आवेदन लगाया। अदालत ने बैंक को नोटिस जारी कर पक्ष रखने कहा। बैंक ने खातों के संचालन एवं लॉकर के उपयोग के तथ्य को स्वीकार किया। इस पर स्थायी लोक अदालत (जनोपयोगी सेवाएं) के अध्यक्ष पंकज कुमार जैन एवं सदस्य सुरेश सिंह गौतम ने अवार्ड पारित कर आवेदकों के खातों एवं लॉकर पर लगाई गई रोक हटा दी और खाता एवं लॉकर के संचालन की अनुमति दी। जनोपयोगी सेवा लोक अदालत में दो माह के भीतर इस मामले का निराकरण किया गया।


