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हाईकोर्ट में याचिका निराकृत
'छत्तीसगढ़' संवाददाता
बिलासपुर, 18 फरवरी। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने दुर्ग स्थित चंदूलाल चंद्राकर मेडिकल कॉलेज में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के लिये संसाधनों की कमी को सन् 2023 तक दूर करने का आदेश दिया है।
कॉलेज में अध्ययनरत एमबीबीएस द्वितीय वर्ष के छात्र अभय कुटारे, शैलजा राज जायसवाल, अशहार खान व अन्य ने अपने अधिवक्ताओं के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी कि कॉलेज में चिकित्सा शिक्षा की पढ़ाई के लिये संसाधनों की कमी है। फेकल्टी की कमी है और न ही मेडिकल सुविधा है, जिसके कारण उन्हें इंटर्नशिप करने में परेशानी हो रही है। याचिका में मांग की गई कि मध्यप्रदेश की तर्ज पर उन्हें दूसरे मेडिकल कॉलेज में शिफ्ट कर दिया जाये, जिससे उनकी पढ़ाई पूरी हो सके।
कोर्ट ने याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई के बाद राज्य सरकार, नेशनल मेडिकल कमीशन और अन्य से जवाब मांगा था। इस पर अंतिम बहस गुरुवार को हुई जिसमें राज्य सरकार की ओर से कहा गया कि संसाधनों व फेकल्टी की पूरी व्यवस्था करने में सन् 2023 तक का समय दिया जाये। जस्टिस पी. सैम कोसी की बेंच ने राज्य शासन को सन् 2023 तक आवश्यक सुविधा उपलब्ध कराने का निर्देश देते हुए याचिका निराकृत कर दी।


