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भारतीय विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह द्वारा विदेश नीति की आलोचना को एक राजनीतिक बयान करार दिया है.
पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले पंजाबी में दिए वीडियो भाषण में मनमोहन सिंह ने कहा कि सरकार विदेश नीति के मोर्चे पर पूरी तरह विफल साबित हुई है.
उन्होंने कहा है कि "चीनी सैनिक पिछले एक साल से हमारी पवित्र भूमि पर कब्जा जमाए हुए हैं लेकिन इस मुद्दे को दबाने की कोशिश की जा रही है."
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा, "मेरे दृष्टिकोण से, यह विशुद्ध रूप से या स्पष्ट रूप से एक राजनीतिक बयान है. यह नीति से जुड़ा बयान नहीं है."
बागची ने ये भी कहा कि “जहां तक चीन का संबंध है तो उस मसले से जुड़े तथ्य स्पष्ट हैं. मुझे वो सब दोहराने की ज़रूरत नहीं है."
बता दें कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अपनी टिप्पणी में कहा था कि, "पुराने दोस्त लगातार हमसे दूर हो रहे हैं, जबकि पड़ोसी देशों के साथ हमारे संबंध भी ख़राब हो रहे हैं."
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर इशारा करते हुए कहा, "मुझे उम्मीद है कि अब तक सत्तारूढ़ सरकार को यह अहसास हो गया होगा कि नेताओं को जबरदस्ती गले लगाने, उनके साथ झूले झूलने या बिन बुलाए बिरयानी खाने से देशों के बीच संबंध नहीं सुधरते हैं." (bbc.com)


