कोण्डागांव

जिला अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में महिला स्टाफ और गार्ड से कथित अभद्रता- छेड़छाड़ के आरोप, एफआईआर की तैयारी
04-Jun-2026 11:03 PM
जिला अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में महिला स्टाफ और गार्ड से कथित अभद्रता- छेड़छाड़ के आरोप, एफआईआर की तैयारी

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

कोंडागांव, 4 जून। जिला अस्पताल कोण्डागांव के एसएनसीयू (स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट) वार्ड में देर रात एक भर्ती शिशु के परिजन द्वारा महिला सुरक्षा गार्ड और महिला स्टाफ के साथ कथित अभद्रता, छेड़छाड़ और दुव्र्यवहार का मामला सामने आया है। घटना के बाद अस्पताल प्रबंधन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

 अस्पताल प्रशासन के अनुसार, एसएनसीयू वार्ड में भर्ती एक नवजात शिशु के पिता भितेस माली देर रात वार्ड में प्रवेश करने का प्रयास कर रहे थे। ड्यूटी पर तैनात महिला सुरक्षा गार्ड ने निर्धारित नियमों का हवाला देते हुए उन्हें अंदर जाने से रोका, जिसके बाद विवाद शुरू हो गया। आरोप है कि युवक ने महिला गार्ड के साथ अभद्र व्यवहार किया, उसका हाथ पकडक़र खींचा, चूडिय़ां तोड़ दीं और मोबाइल छीनने की कोशिश की। साथ ही मदद लेने जाने के दौरान उसका रास्ता रोकने और दरवाजा बंद कर रोकने का भी प्रयास किया गया।

 शिशु रोग विभाग की इंचार्ज सिस्टर अर्चना बनर्जी ने बताया कि, घटना की जानकारी उन्हें सुबह ड्यूटी पर आने के बाद मिली। उनके अनुसार महिला गार्ड ने बताया कि, आरोपी शराब के नशे में था और विवाद के दौरान उसके हाथ में चोट भी आई। घटना के वीडियो और फोटोग्राफ भी स्टाफ के पास मौजूद हैं, जिन्हें उच्च अधिकारियों को उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने कहा कि अस्पताल परिसर के एमसीएच वार्ड क्षेत्र में सुरक्षा संबंधी ऐसी घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं और इस बार कर्मचारी चुप नहीं रहेंगे।

घटना को लेकर जिला अस्पताल के पीडियाट्रिशियन डॉ. रुद्र कश्यप ने भी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि महिला कर्मचारियों और स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा पर यह गंभीर सवाल खड़ा करता है। उन्होंने बताया कि अस्पताल प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए गार्डों को डंडा और सीटी उपलब्ध कराने की पहल शुरू कर दी है तथा आगे और ठोस कदम उठाए जाएंगे।

 वहीं सिविल सर्जन डॉ. पीएल मंडावी ने बताया कि महिला सुरक्षा गार्ड के साथ बदसलूकी और छेड़छाड़ की शिकायत उनके संज्ञान में आई है। उन्होंने कहा कि अस्पताल का परिसर काफी बड़ा है और कई स्थानों पर सुरक्षा संबंधी चुनौतियां हैं, जिसके चलते रात के समय बाहरी लोगों की आवाजाही भी हो जाती है। मामले में संबंधित व्यक्ति की पहचान कर ली गई है और पुलिस में एफआईआर दर्ज कराने के लिए आवेदन तैयार किया गया है।

इधर, आरोपी भितेस माली ने मीडिया से बातचीत में स्वीकार किया कि वह अपने भर्ती बच्चे से मिलने वार्ड की ओर जा रहा था और उसे रोकने पर विवाद हुआ। हालांकि, उसने महिला स्टाफ या गार्ड को खींचने के आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि वह केवल मोबाइल पकडऩे की कोशिश कर रहा था क्योंकि उसका वीडियो बनाया जा रहा था।

 फिलहाल, अस्पताल प्रशासन की शिकायत पर पुलिस कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है और मामले की जांच के बाद आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।


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